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World Aids Day: 9 साल में 51 लोगों की मौत, 312 एचआईवी संक्रमित

Updated: IST Balod : 51 people killed in 9 years, 312 HIV victi
एचआईवी एड्स के बचाव के लिए शासन-प्रशासन करोड़ों रुपए खर्च कर बचाव के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं मगर लोग सचेत नहीं हो पाए हैं। जिले में 9 साल में 51 लोगों की मौत एचआईवीएड्स से हो चुकी है।

बालोद.शासन-प्रशासन के एचआईवी एड्स से बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद लोग जागरूक नहीं हो पा रहे हैं। जबकि जागरूकता के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं, पर अभी भी लोगों सचेत नहीं हो पाए हैं। इस कारण बीते 9 साल में बालोद जिले में एचआईवी एड्स से 51 लोगों की मौत हो चुकी है। एचआईवी एड्स विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 2007 से अब तक जिले में 312 एचआईवी के पॉजीटिव मरीज पाए गए हैं।

हर साल 10 से 15 हजार कराते हैं एसआईवी जांच
विभागीय जानकारी के मुताबिक एकीकृत दुर्ग जिले के समय 2007 में बालोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एचआईवी एड्स परीक्षण केंद्र खोला गया था, जिसके बाद 2012 में बालोद को जिला बनाने के बाद से जिले के पांच ब्लॉकों के सामुदायिक केन्द्रों में जांच परामर्श केंद्र खोला गया। जहां हर केंद्र में हर साल 10 से 15 हजार लोग एचआईवी की जांच कराने आते हैं। विभाग से मिली जानकारी अनुसार लोग इस बीमारी को हल्के में लेते हैं वे असावधानी से काम लेते हैं।

दावा जिले में स्थिति है संतोषजनक, जरूरत जागरूकता की
विभागीय जानकारी के मुताबिक जिले में एचआईवी एड्स की स्थिति सामान्य है। पहले से इस रोग के मरीजों में कमी आई है, लेकिन अभी भी लोगों को जागरूक करने की जरुरत है, क्योंकि अभी भी जिले में एचआईवी रोगियों की संख्या ज्यादा है। जानकारी के अनुसार जिले में हर साल 50 हजार लोग जांच परामर्श केंद्र में आकर इसकी जंच कराते हैं। पर अभी भी इस रोग के पॉजीटिव केस निकल रहे हैं, जो चिंता का कारण बना हुआ है। हालांकि विभाग इस स्थिति को संतोषजनक मान रहे हैं और इसको खत्म करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है।

गातार प्रयास, फिर भी हर साल हो जाते हैं 3 लोगों की मौत
विभाग द्वारा हर साल समय-समय पर बैनर-पोस्टर के साथ जागरूकता रैली व नुक्कड़ सभा से लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। केवल जागरूकता के लिए ही लाखों खर्च कर देते हैं, पर अभी भी लोगों में इसके प्रति जागरूकता की कमी है। जानकारी के मुताबिक इस साल जिले में 3 लोगों की मौत एचआईवी एड्स से हो चुकी है। विभाग की मानें तो इस रोग का जांच परीक्षण जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जिला अस्पतालों में भी किया जाता है। जांच परीक्षण के बाद कोर्स से यह रोग ठीक हो जाता है। लोगंो को पंपलेट बांट कर इस रोग से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।

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