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विधायक को एक साल की जेल, बिजली ऑफिस के खिलाफ किया था घेराव

Updated: IST Balod : MLA Sinha gets one year prison
विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करने के मामले में विधायक भैया राम सिन्हा को दोषी पाते हुए न्यायालय ने एक साल का कारावास की सजा सुनाई है।

बालोद. बिजली कटौती व विभिन्न मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्यालय का घेराव करने के मामले में विधायक भैया राम सिन्हा को दोषी पाते हुए न्यायालय ने एक साल का कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 13 अगस्त 2015 का है। न्यायालय के फैसले के बाद विधायक सिन्हा के वकील ने सेशन कोर्ट में अपील करने की बात कही है।

13 अगस्त 2015 को किया था प्रदर्शन
ज्ञात हो कि 13 अगस्त 2015 को विधायक भैय्या राम सिन्हा, गुंडरदेही विधायक राजेन्द्र राय, डौंडी लोहारा विधायक अनिला भेडिय़ा सहित कई पूर्व विधायकों के साथ सैकड़ों की तादाद में कांग्रेसियों ने विद्युत विभाग का घेराव करते हुए अघोषित विद्युत कटौती बंद करने के लिए धरना-प्रदर्शन किया था। मामले पर 30 नवंबर को न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी बालोद न्यायालय के मजिस्ट्रेड सीमा जगदल्ला ने विधायक भैया राम सिन्हा को धारा 448 भारतीय दंड सहिता में एक साल का कारावास व 1000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

हेल्पर ने दर्ज कराया था मामला
इस प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजीव कुमार दुबे के अनुसार, प्रकरण 13 अगस्त 2015 को सहायक अभियंता उपसंभाग छगविवि मर्यादित बालोद कार्यालय के राजकुमार राव, जो संभागीय कार्यालय विद्युत बालोद में हेल्पर के पद पर पदस्थ थे, ने बालोद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें 13 अगस्त 2015 को विधायक भैया राम सिन्हा एव अन्य प्रतिनिधियों द्वारा संभागीय विद्युत कार्यालय बालोद का घेराव किया गया। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही विद्युत कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया था।

न्यायालय में माना दोषसिद्ध
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के अनुसार, इसके बाद भी बंद मुख्य दरवाजे को जबरदस्ती खोलकर व कार्यालय में घुसकर आपराधिक अतिचार व नारेबाजी की गई। इसकी लिखित शिकायत के आधार पर थाना बालोद ने विधायक भैया राम सिन्हा के खिलाफ धारा 448 आईपीसी के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरान्त अभियोगी पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय द्वारा विचारणोपरांत अभियोजन के आरोप को प्रमाणित मानते हुए विधायक भैया राम सिन्हा को दोषसिद्ध किया गया है।

विधायक बोले, जनहित की लड़ाई
न्यायालय के फैसले पर विधायक भैया राम सिन्हा ने कहा की वह न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। लेकिन जनता के हित के लिए एक साल की सजा क्या 10 साल हो कोई दिक्कत नहीं। वहीं विधायक भैया राम सिन्हा के वकील भेष कुमार साहू ने बताया की न्यायालय ने विधि के अनुकूल फैसला नहीं दिया है, और विधि को समझने में गंभीर भूल की है। इस आदेश के विरुद्ध सेशन न्यायालय में अपील करेंगे।

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