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Bank अफसर बनकर मांगी ATM कार्ड की डिटेल, फिर कर ली 73 हजार की शॉपिंग

Updated: IST victim in police station
अज्ञात शख्स ने फोन पर फर्जी बैंक अधिकारी बनकर स्वास्थ्य विभाग के पर्यवेक्षक को लगाई चपत, ठगी का शिकार पर्यवेक्षक ने थाने में की शिकायत

कुसमी. अज्ञात शख्स द्वारा फोन पर फर्जी बैंक अधिकारी बनकर स्वास्थ्य विभाग के एक पर्यवेक्षक से 73 हजार रुपए ठगी करने का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्ति पेशेवर ढंग से फोन पर लगातार दो दिन पर्यवेक्षक से उनके एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी लेता रहा और वे बताते रहे। सारी जानकारी लेकर ठग ने उनके खाते से 7 से 8 बार में ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। पर्यवेक्षक ने मामले की शिकायत थाने में भी की है।

जानकारी के अनुसार कुसमी के वार्ड क्रमांक एक के कुम्हारपारा निवासी 55 वर्षीय मोहन राम बुनकर पिता पेंघा राम वो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भुलसीकला में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत है। रविवार 18 जून की सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल नम्बर 8435827455 पर मोबाइल नंबर 8151159812 से कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए कि आपका एटीएम कार्ड लैप्स होने वाला है।

अगर आप पिन कोड नहीं बताएंगे तो एटीएम कार्ड के साथ ही खाता बंद हो जाएगा। अज्ञात व्यक्ति द्वारा काफी पेशेवर ढंग से बात करने के कारण मोहन राम उसके झांसे में आ गए और एटीएम कार्ड का पिन कोड सहित अन्य सारी जानकारी उसे दे दी। इसके बाद ठग ने उन्हें कहा आपके मोबाइल नंबर पर जो भी मैसेज आ रहा है उसकी भी जानकारी देते रहें।

इस दौरान पर्यवेक्षक को जरा सी भी भनक नहीं थी वे ठगी के शिकार हो गए हैं। वे रविवार को भुलसीकला में ड्यूटी कर सोमवार की सुबह वापस कुसमी अपने घर पहुंचे तो मोबाइल पर सुबह लगभग 8.30 बजे अज्ञात शख्स का फोन आया। उसने पर्यवेक्षक को कहा कि कल जो नंबर आप बताए थे वो गलत हो गया, आज जो मैसेज आएगा उसकी जानकारी दीजिएगा।

इस पर पर्यवेक्षक उसे लगातार जानकारी देते रहे। अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगातार जानकारी मांगी जानी लगी तब उन्हें शक हुआ। फिर वे कुसमी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे और अन्य स्टाफ से चर्चा की तो उन्होंने बैंक जाकर खाता चेक करोन की सलाह दी। फिर वे बैंक पहुंचे और खाता चेक कराया तो 7 से 8 बार में दो दिन के भीतर उनके खाते से 73 हजार रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपना बैक अकाउंट व एटीएम कार्ड बंद कराया।

नहीं तो साफ हो जाती खाते की पूरी रकम

पर्यवेक्षक द्वारा मामले की लिखित शिकायत कुसमी थाने में भी दी गई है। ठगी के शिकार पर्यवेक्षक के स्टेट बैंक के खाते में चार लाख से ऊपर राशि जमा थी। समय रहते उन्हें ठगी का एहसास हो गया अन्यथा और बड़ी रकम की ठगी हो सकती थी। इस प्रकार की ठगी की वारदात आए दिन हो रही है।

जागरूकता के अभाव में लोग झांसे में आकर लगातार ठगी के शिकार हो रहे हैं। जबकि बैंकों द्वारा हमेशा लोगों से अपील की जाती है कि फोन पर अकाउंट व एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी को भी न दें।

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