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एसीबी करे ग्रामीण विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार की जांच 

Updated: IST bangalore news
ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं में 10 हजार करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

बेलगावी. ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं में 10 हजार करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने यह आश्वासन दिया।

गुरुवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य अप्पाजी गौड़ा के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मामले की जांच लोकायुक्त को सौंपी गई थी। एसीबी के गठन के बाद जांच लोकायुक्त के बदले एसीबी को सौंपी गई है। लोकायुक्त संस्था तथा एसीबी दोनों अलग संस्थाएं हैं। देश के 15 राज्यों में एसीबी है। लोकायुक्त संस्था केवल पुराने मामलों की जांच करती है। एसीबी के गठन से लोकायुक्त संस्था पर कोई असर नहीं हुआ है। लोकायुक्त संस्था कानून के दायरे में कामकर रही है।

हस्तक्षेप करते हुए जनता दल (ध) के सदस्य बसवराज होरट्टी ने कहा कि जब भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए सरकार ने एसीबी का गठन किया है तो लोकायुक्त संस्था किसलिए है। राज्य सरकार को तुरंत लोकायुक्त संस्था को खत्म कर देना चाहिए। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बेनामी खाते खोलकर विभाग को आवंटित राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे मामले की जांच लोकायुक्त को ही सौंपी जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार मामले को रफा-दफा करना चाहती है, इसलिए मामले की जांच लोकायुक्त के बदले एसीबी को सौंपी गई है।

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