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बेंगलूरु जेल विवाद: 32 कैदियों को दूसरे जेलों में भेजा

Updated: IST bangalore news
शहर के बाहरी इलाके परप्पन अग्रहार में स्थित केंद्रीय जेल में कुछ कैदियों को विशेष सुविधा देने के लेकर उपजे विवाद और कनिष्ठ पुलिस अधिकारी के अपने ही वरिष्ठ

बेंगलूरु. शहर के बाहरी इलाके परप्पन अग्रहार में स्थित केंद्रीय जेल में कुछ कैदियों को विशेष सुविधा देने के लेकर उपजे विवाद और कनिष्ठ पुलिस अधिकारी के अपने ही वरिष्ठ अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की जांच शुरु होने से एक दिन पहले रविवार को अचानक जेल से 32 कैदियों को दूसरे जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया।

बताया जाता है कि सजा काट रहे इन कैदियों को जेल में चल रही गतिविधियों के बारे में खुलासा करने के कारण राज्य के दूसरे जेलों में भेजा गया है। इससे पहले शनिवार को जेल में कैदियों के एक धड़े ने नारेबाजी की थी। बताया जाता है कि इसके बाद ही जेल प्रशासन ने इन कैदियों को दूसरे जेलों में भेजने का फैसला किया। जेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शनिवार मध्य रात्रि के बाद करीब 1 बजे इन कैदियों को अधिक सुरक्षा वाले बेलगावी और बल्लारी जेल भेजा गया।

जेल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इन कैदियों को इन लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने के साथ ही जेल के मुख्य अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उक्त अधिकारी ने इन कैदियों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (जेल) डी. रुपा से मिलने की व्यग्रता थी क्योंकि उन्हें लगता था कि वे उनकी समस्याओं का समाधान कर सकती हैं। उक्त अधिकारी ने कहा कि ये कैदी जेल अधीक्षक के व्यवहार को लेकर काफी खफा थे क्योंकि कई बार शिकायतें करने पर उनकी पिटाई की गई थी। हालांकि, आरोपों के घेरे में आए जेल अधीक्षक ने अब तक इस कोई सफाई नहीं दी है।

डीआईजी को दी थी जानकारी

रुपा शनिवार को पुलिस महानिदेशक (जेल) एच एन सत्यनारायण राव के दौरे के बाद जेल के दौरे पर गईं थी। हालांकि, दौरे के दौरान जेल अधीक्षक समर्थक धड़े के कैदियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की लेकिन वे कैदियों से मिलीं और उनकी शिकायतें सुनी। बताया जाता है कि जिन कैदियों को दूसरे जेलों में भेजा गया है उनलोगों ने शनिवार को रुपा को शशिकला और दूसरे कैदियों को दी जा रही विशेष सुविधाओं को लेकर शिकायत की थी। सूत्रों के मुताबिक बेंगलूरु जेल से 21 कैदियों को बेल्लारी और 11 को बेलगावी जेल भेजा गया है।

गौरतलब है कि बुधवार को रुपा ने सरकार को एक रिपोर्ट भेजी थी जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप में सजा काट रही एआईएडीएमके नेता शशिकला नटराजन को कथित तौर पर पर दो करोड़ रुपए की रिश्वत के बदले जेल में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का आरोप लगाया गया था। इस रिपोर्ट में शशिकला को विशेष रसोई की सुविधा दिए जाने, पार्टी नेताओं से मुलाकात के लिए अलग कमरा और कुर्सी दिए जाने की भी बात कही गई थी।

रुपा ने इस रिपोर्ट में राव को रिश्वत के तौर पर एक करोड़ रुपए दिए जाने और उनपर जानकारी के बावजूद विशेष रसोई की सुविधा को खत्म करने के लिए कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट मे आरोप लगाया था कि जेल के बाकी कर्मचारियों के बीच भी एक करोड़ रुपए बांटा गया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि नियमों के विपरीत करोड़ों रुपए के स्टाम्प घोटाले के आरोप अब्दुल करीम तेलगी को भी कई सहायक उपलब्ध कराए गए हैं, जो उसकी मालिश करते हैं।

हालांकि, इससे लेकर राव और रुपा के बीच मीडिया में बयानबाजी का दौर भी चला। रिपोर्ट के अगले ही दिन सरकार ने मामले की जांच कराने की घोषणा कर दी लेकिन विवाद नहीं थमा। नतीजतन, सरकार ने दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया। शनिवार को दोनों अधिकारी जेल के दौरे पर गए थे। रुपा ने फिर एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी है जिसमें अनियमितताओं के साथ ही सूबत नष्ट किए जाने की बात कही गई है। जांच समिति सोमवार से मामले की जांच करेगी।

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