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वाई-फाई से लैस होगा बेंगलूरु

Updated: IST bangalore news
अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले तीन महीने में आईटी सिटी बेंगलूरु पूर्ण वाई-फाई जोन वाला देश का पहला शहर बन जाएगा

बेंगलूरु. अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले तीन महीने में आईटी सिटी बेंगलूरु पूर्ण वाई-फाई जोन वाला देश का पहला शहर बन जाएगा। हालांकि, सरकार ने बहुत पहले इसकी योजना तैयार की थी, मगर शुरुआती प्रयासों के नाकाम रहने के बाद योजना फिर से पुनर्जीवित की गई है।

राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि सरकार अगले तीन महीने में इस योजना को लागू करने का प्रयास कर रही है। योजना के तहत सभी 198 बीबीएमपी वार्ड फ्री वाई-फाई जोन हो जाएंगे और उपभोक्ता कम-से-कम 2 एमबीपीएस की बैंडविड्थ की सेवाएं हासिल करने लगेंगे। हालांकि, मुंबई में भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस ने 500 स्थानों पर वाई-फाई सेवाएं देने की घोषणा की है, मगर खरगे ने कहा कि वह महाराष्ट्र मॉडल के पीछे नहीं चल रहे। मुंबई में यह सेवाएं कुछ क्षेत्रों तक सीमित हैं, जबकि बेंगलूरु में पूरा शहर वाई-फाई जोन होगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवाएं मिलेंगी।

खरगे ने कहा कि बीएमटीसी बस, मेट्रो या किसी भी वाहन से घूमते वक्त भी निर्बाध वाई-फाई कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं वार्ड विशेष में रहने वाले स्थायी निवासी अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से 30 से 45 मिनट की मुफ्त सेवा हासिल कर सकेंगे। वहीं पूरक सेवाओं के लिए सेवा प्रदाता को भुगतान कर इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

खरगे ने बताया कि राज्य सरकार फरवरी महीने में इसके लिए निविदा जारी करेगी। यह निविदा कर्नाटक पारदर्शी सार्वजनिक खरीद अधिनियम के तहत जारी की जाएगी। उम्मीद है कि मार्च अथवा अप्रेल महीने में सेवाएं लांच कर दी जाएं। सरकार वाई-फाई सुविधा देकर अपना मोबाइलवन एप व अन्य योजनाओं को बढ़ावा देगी। सरकार की ओर से चलाए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में प्रचार-प्रसार का यह एक माध्यम बनेगा।

सरकार इस योजना को तीन महीने में लागू करने का मन बना रही है, वहीं विशेषज्ञ इस पर संशय जता रहे हैं। एक दूर संचार सेवा प्रदाता कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब तक सरकार इस मद में बड़ी राशि नहीं देती है और तकनीकी व्यवधान दूर नहीं करती है तब तक यह संभव नहीं होगा। पिछले दो वर्षों में इसके लिए किया गया प्रयास बेकार रहा। सरकार कुछ स्थानों पर फ्री-वाई-फाई जोन बनाना चाहती थी, क्योंकि पूरे शहर को वाई-फाई जोन बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपए निवेश की आवश्यकता थी। अब इतनी जल्दी सरकार कहां से इतना निवेश करेगी। अगर अब इस योजना को लागू किया जाए तो कम से कम 5 हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी।

गौरतलब है कि पहले सरकार ने सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) में यह योजना लागू करने की घोषणा की थी। वर्ष 2015 में आईटी सचिव श्रीवत्स कृष्णा ने बेंगलूरु को फ्री-वाई-फाई जोन बनाने के लिए एक योजना तैयार की थी, जिसमें 30 हजार एक्सेस प्वाइंट लगाने की बात थी। अगर वह योजना फलीभूत होती तो 40 फीसदी बेंगलूरु वाई-फाई फ्री जोन बन जाता। कृष्णा ने वह योजना तत्कालीन आईटी मंत्री एसआर पाटिल को सौंपी थी, मगर सेवा प्रदाता के चुनाव को लेकर ममला अटक गया। जहां पाटिल किसी एक ही सेवा प्रदाता के पक्षधर थे, वहीं कृष्णा चाहते थे कि एक से अधिक सेवा प्रदाता हों ताकि किसी एक का एकाधिकार न रहे।

हालांकि, खरगे ने कहा कि उन्होंने पुरानी योजना की खूबियों और खामियों को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक योजना तैयार की है। योजना पर बीबीएमपी सहित सभी अंशधारकों से हर पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही इसे लांच किया जाएगा।

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