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डीजी की पोल खोलने वाली डीआईजी को 'सजा'

Updated: IST bangalore news
शहर के बाहरी इलाके परप्पन अग्रहार में स्थित केंद्रीय जेल में सजा काट रही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषडगम (अम्मा) की नेता वी. के.शशिकला नटराजन

बेंगलूरु. शहर के बाहरी इलाके परप्पन अग्रहार में स्थित केंद्रीय जेल में सजा काट रही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषडगम (अम्मा) की नेता वी. के.शशिकला नटराजन को विशेष सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर उपजे विवाद के बीच सोमवार को सरकार ने जेल विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया। पिछले सप्ताह इस मामले का खुलासा पुलिस उपमहानिरीक्षक (जेल) डी. रुपा मोदगिल ने किया था।

रुपा ने अपने ही विभाग के प्रमुख व पुलिस महानिदेशक (जेल) एच एन सत्यनारायण राव पर आरोप लगाया था। सोमवार को सरकार ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया। हालांकि, सरकार ने पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं लेकिन रुपा के आरोपों की जांच शुरु होने से ऐन पहले दोनों अधिकारियों के तबादले को लेकर सरकार विवादों में घिर गई है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी विनय कुमार ने सोमवार से ही मामले की जांच शुरु की।

सत्यनारायण को अवकाश पर भेजा

सरकार ने विवादों में घिरे राव को अवकाश पर भेज दिया है। राव इसी महीने के अंत में सेवानिवृत होने वाले हैं। तबादला आदेश मेें राव को नया पदस्थापन नहीं दिया गया है। जेल विभाग के प्रमुख के पद को पुलिस महानिदेशक स्तर से घटाकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर का कर दिया गया है। राव के तबादले के बाद एसीबी के मुखिया रहे नारायण सिंह मेघरिख को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) के पद पर तैनात किया गया है।

जेल अधीक्षक का भी तबादला

सरकार ने बेंगलूरु केंद्रीय जेल के मुख्य अधीक्षक कृष्ण कुमार का भी तबादला कर दिया है। कुमार की जगह आर.अनिता को तैनात किया गया है। कुछ कैदियों ने कुमार पर समस्याओं की बात उठाने पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। एक कैदी की पत्नी ने दो दिन पहले आरोप लगाया था कि रुपा को अनियमितताओं की जानकारी देने पर कुमार ने उसके पति की पिटाई की थी। रुपा ने भी अपनी रिपोर्ट में कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

तबादला नियमित प्रक्रिया : सीएम

विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने जांच शुरु होने से ऐन पहले दोनों अधिकारियों के तबादले को उचित ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों के तबादले नियमित हैं और ये प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हर चीज के बारे में मीडिया को बताना जरुरी नहीं है। ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि सरकारी सेवा का अपना नियम है। कोई भी सरकारी कर्मचारी मीडिया में नहीं जा सकता है। उसने (रुपा) जो आरोप लगाए हैं उसकी जांच कराई जाएगी।

ये है पूरा मामला

बुधवार शाम सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में रुपा ने शशिकला और करोड़ों के रुपए के स्टाम्प घोटाले के मामले में सजा काट रहे अब्दुल करीम तेलगी को जेल नियमों के विपरीत सुविधाएं दिए जाने का खुलासा किया था। रिपोर्ट में रुपा ने कहा कि था कि ऐसी चर्चा है कि दो करोड़ रुपए रिश्वत देने पर शशिकला को विशेष रसेाई की सुविधा मिल रही है जबकि तेलगी को मालिश के लिए 3-4 कैदी सहायक के तौर पर दिए गए हैं। रुपा ने कथित तौर पर राव पर एक करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।

इसके एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने की घोषणा कर दी। शुक्रवार को सरकार ने सेवा नियमों का उल्लंघन कर मीडिया में बात उजागर करने के लिए दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। शनिवार को पहले राव जेल के दौरे पर गए और उसके कुछ घंटे बाद रुपा भी जेल के दौरे पर गई। आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में दर्ज अनियमितताओं के सबूत नष्ट कर दिए गए।

रुपा जब जेल पहुंची तो उसे कैदियों के एक समूह ने उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। बाद में रुपा ने सरकार को दूसरी रिपोर्ट भी भेजी थी। शनिवार रात रुपा को जेल में अनियमितताओं की जानकारी देने वाले 32 कैदियों को दूसरे जेलों में भेज दिया गया था।

गुप्तचर विभाग के प्रमुख को भी बदला

दक्षिण कन्नड़ जिले के मेंगलूरु और बंटवाल में पिछले एक पखवाड़े के दौरान हुई हिसंक घटनाओं की गाज की राज्य पुलिस के गुप्तचर विभाग के प्रमुख पर भी गिरी है। मेंगलूरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शरत की हत्या के बाद विपक्ष के हमलों से परेशान मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने रविवार को गुप्तचर विभाग की विफलता को लेकर काफी नाराजगी जताई थी।

मुख्यमंत्री दक्षिण कन्नड़ में हिंसा की घटना और उसे रोकने में प्रशासन की विफलता को लेकर गृह विभाग के सलाहकार व पूर्व पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) एम एन रेड्डी पर काफी बरसे थे। एक दिन बाद ही रेड्डी का तबादला गुप्तचर विभाग से कर दिया गया। गुप्तचर विभाग की कमान फिलहाल एक निचले ओहदे के अधिकारी को सौंपी गई है। रेड्डी को अब पिछले साल गठित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का प्रमुख बनाया गया है। पहले यह पद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संवर्ग का था। अब इस पद को पुलिस महानिदेशक संवर्ग में कम्रोन्नत कर दिया गया है। रेड्डी के तबादले के बाद गुप्तचर विभाग के प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार फिलहाल पुलिस महानिरीक्षक (गुप्तचर) अमृत पाल के पास रहेगा।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

रुपा के अचानक तबादले को लेकर विपक्ष ने सिद्धरामय्या सरकार को घेरा है। जांच की घोषणा के साथ ही दोनों अधिकारियों का तबादला नहीं किए जाने और सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के कारण सरकार पर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के अलावा जद (ध) ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा ने कहा कि राज्य में ईमानदार अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तबादले से साफ है कि कांग्रेस सरकार भ्र्रष्ट लोगों को साथ खड़ी है और केवल भ्रष्ट व गैर-ईमानदार लोगों ही पुरस्कृत किया जाएगा। सरकार के जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और जद (ध) एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि वे आश्चर्यचकित हैं। लगता है कि सरकार अवैध गतिविधियों को ढकना चाहती है। उन्होंने कहा राज्य सरकार को ईमानदार नहीं बल्कि भ्रटाचार के बढ़ावा देने वाले अधिकारी चाहिए।

रुपा को सड़क यातायात विभाग में भेजा

वर्ष2000 के बैच की पुलिस अधिकारी रुपा को जेल से यातयात विभाग में भेजा गया है। रुपा को पुलिस उपमहानिरीक्षक संवर्ग में ही सड़क सुरक्षा व परिवहन आयुक्त के तौर पर बेंगलूरु में पदस्थापित किया गया है। अब तक इस विभाग के प्रमुख रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉए एस एन मूर्ति को अब वन प्रकोष्ठ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रिक्त पद पर तैनात किया गया है। रुपा ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (जेल) के तौर पर 21 जून को ही पदभार संभाला था।

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