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कृषि ऋण माफ कराने की जिद पर अड़े किसान

Updated: IST bangalore
कर्ज में डूबे किसानों का पूरा कृषि ऋण माफ करने की मांग करते हुए किसान नेताओं ने राज्य सरकार से बजट में इसकी

बेंगलूरु।कर्ज में डूबे किसानों का पूरा कृषि ऋण माफ करने की मांग करते हुए किसान नेताओं ने राज्य सरकार से बजट में इसकी घोषणा करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने गुरुवार को यहां विधानसौधा सभागार में अगले बजट के संबंध में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों व नेताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्ज माफ करने के लिए यह बहाना नहीं बनाए कि केंद्र सरकार को कर्ज माफ करना चाहिए। राज्य सरकार को पहले किसानों का कृषि ऋण माफ करे। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से भेंट कर राष्ट्रीयकृत व वाणिज्यिक बैंकों के ऋण माफ करने की मांग की जाएगी।

किसानों ने कहा कि वे पिछले तीन साल से सूखे की मार झेल रहे हैं लिहाजा राज्य सरकार कर्ज माफ कर राहत प्रदान करे। राज्य कर्ज माफ करे तो केंद पर भी दबाव डालना संभव होगा। सीएम ने किसानों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली ले जाने की सलाह पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

अवैध शराब बिक्री पर रोक लगे

किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि गांव गांव में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है और किसान शराब की लत के शिकार हो रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने गन्ने से बनने वाली चीनी के परिष्करण के लिए सतर्कता दल का गठन करने व गन्ने की पेराई के बाद सह-उत्पादों की आय का मिल वार हिसाब लगाकर किसानों को भीलाभ में हिस्सा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के लिए समर्थन मूल्य तय करते समय उत्पादन लागत का आधा हिस्सा लाभांश के तौर पर शामिल करके डा. स्वामीनाथन की रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाना चाहिए।

उन्होंने किसानों की आत्महत्या करने पर रोक लगाने के लिए ऋण पद्धति में बदलाव, आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपए का मुआवजा देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया। उन्होंने नीरा उत्पादों को सब्सिडी देनेे, केरल की तर्ज पर नीरा उत्पादों के प्रोत्साहन की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने चीनी मिलों में किसानों के गन्ने के बकाया धन का भुगतान दिलाने की सरकार से पहल करने की मांग की और कहा कि इस बारे में बजट में स्पष्ट घोषणा की जानी चाहिए।

किसान हितों की रक्षा को प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वे चाहते हैं कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले। इसलिए सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार यदि किसानों का आधा ऋण माफ करेतो राज्य सरकार भी ऐसा करेगी। बैठक में कृषि मंत्री कृष्णबैरेगौड़ा, मुख्य सचिव सुभाष चंद्र कुंटिया, किसान नेता कड़ीदाल शामम्णा, कुरुबरु शांंंतकुमार, कोड़ीहल्ली चंद्रशेखर, चुक्की नंजुंडा स्वामी सहित अनेक किसान नेताओं ने भाग लिया।

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