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जाली उपाधि दी, छह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की पदोन्नति रद्द

Updated: IST bangalore news
जाली उपाधि और अंक सूचियां देने पर स्वास्थ्य विभाग के छह अधिकारियों की पदोन्नति वापस ले ली गई। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डी.पी.ए.आर.) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं

बेंगलूरु. जाली उपाधि और अंक सूचियां देने पर स्वास्थ्य विभाग के छह अधिकारियों की पदोन्नति वापस ले ली गई। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डी.पी.ए.आर.) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी की पदोन्नति पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दिए गए नौ स्नातकोत्तर उपाधियों और अंकसूचियों में से छह उपाधियां और अंकसूची जाली साबित हुए है। कर्नाटक मुक्त विश्वविद्यालय से छह अधिकारियों ने जाली उपाधि और अंक सूचियां प्राप्त की हैं। इन छह अधिकारियों पर कई तरह के संदेह होने लगे है। विभाग ने भी इस विषय को गंभीरता से लेकर जांच कर रहा है।

प्रदेश के कुल 9 स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी के तौर पर पदोन्नति प्राप्त करने के लिए कर्नाटक मुक्त विश्व विद्यालय से उपाधि और अंक सूचियां प्राप्त की है। इस सिलसिले में विभाग ने विश्वविद्यालय से इस मामले में स्पष्टकरण मांगा है। अभी तक कोई विवरण प्राप्त नहीं हुआ है। छह जाली उपाधियों और अंकसूचियों को साल 2012-13 के दौरान प्राप्त की गई है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी के लिए आवश्यक एमएससी रसायन शास्त्र, खाद्य विज्ञान विषय के जाली अंकसूचियों को दिया है। इन छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहले रुचि दिखाई थी। विश्वविद्यालय से कोई जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने नाराजगी जताई है।

बताया जाता है कि कर्नाटक विवि में साल 2010 में बड़े पैमाने पर जाली उपाधियों और अंकसूचियों का घोटाला हुआ था। कई लोगों ने विवि में अपना पंजीयन जरूर करवाया था, लेकिन परीक्षा नहीं दी।

ऐसे उम्मीदवारों की सूची बहुत लंबी है। गंगावती के खाद्य सुरक्षा अधिकारी शरणप्पा, गंगावती के ही सतीश ए गंगावती, चिक्कोडी के खाद्य सुरक्षाधिकारी रमेश रेड्डी, संडूर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी कासिम अली, मुलबागल के खाद्य सुरक्षाधिकारी शिवमग्गा और शिलवाला के मल्लण्णा को दी गई पदोन्नति वापस ले ली गई है।

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