Patrika Hindi News

> > > > Network-centric warfare systems are exposed to the air warriors

नेटवर्क केंद्रित युद्ध प्रणाली में पारंगत हो रहे वायु योद्धा

Updated: IST bangalore news
युद्ध परिदृश्य में आने वाले तकनीकी बदलावों के मद्देनजर भारतीय वायुसेना का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला प्रशिक्षण कमान (मुख्यालय) योद्धाओं को नेटवर्क सेंट्रिक युद्ध प्रणाली में पारंगत कर रहा है

राजीव मिश्रा

बेंगलूरु. युद्ध परिदृश्य में आने वाले तकनीकी बदलावों के मद्देनजर भारतीय वायुसेना का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला प्रशिक्षण कमान (मुख्यालय) योद्धाओं को नेटवर्क सेंट्रिक युद्ध प्रणाली में पारंगत कर रहा है। जहां एक तरफ वायुसेना अपने बेड़े में अत्याधुनिक विमानों एवं प्रणालियों को शामिल रहा है वहीं वायु प्रहरियों के प्रशिक्षण का स्तर और मानकों को भी काफी उन्नत किया गया है ताकि आधुनिक काल की ऑपरेशनल जरूरतों पर वे सौ फीसदी खरा उतरें।

ऑपरेशनल जरूरतों के मुताबिक तैयारी

वायुसेना प्रशिक्षण कमान (मुख्यालय) के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल एसआरके नायर ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि भारतीय वायुसेना का प्रवेश द्वार होने के नाते निर्धारित सीमा के भीतर आवश्यक संख्या में वायु कर्मियों को सर्वश्रेष्ठ तरीके से प्रशिक्षित करना है ताकि कौशल व ज्ञान के बलबूते ऑपरेशनल जरूरतों के लिए तैयार रहें। आधुनिक युग में नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर (एनसीडब्ल्यू) पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कमान प्रशिक्षुओं में एनसीडब्ल्यू क्षमता का ठोस आधार तैयार कर रहा है ताकि भविष्य में ऑपरेशनल जरूरतों की मजबूत नींव शुरू में ही पड़ जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कमान में एनसीडब्ल्यू को एक अवधारणा के रूप में लागू किया गया है। प्रशिक्षण के एडवांस चरण में वायु अधिकारियों एवं एयरमैन को विभिन्न प्रणालियों, एप्लीकेशनों और प्लेटफार्म पर ऑन-द-जॉब-ट्रेनिंग दी जा रही है जो एनसीडब्ल्यू प्रशिक्षण का ही हिस्सा है। प्रशिक्षण के दौरान वायुसैनिक एनसीडब्ल्यू के माहौल से पूरी तरह अवगत हो जाते हैं।

क्षमतावान वायु योद्धा तैयार करने में कोई कसर नहीं

प्रशिक्षण कमान देश की हवाई सुरक्षा सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले इन वायु योद्धाओं को प्रशिक्षित करने के लिए संगठनात्मक जरूरतों के मुताबिक पाठ्यक्रम में निरंतर विकास करता है। नायर ने कहा कि इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले इंस्ट्रक्टर्स तो तैयार किए ही जाते हैं प्रशिक्षण अवसंचरना का उन्नयन भी समय-समय पर किया जाता है ताकि क्षमतावान वायु योद्धा तैयार हों। उन्होंने कहा कि वायुसेना का आधुनिकीकरण पूरे शबाब पर है और इसके लिए प्रशिक्षण कमान ने भी कई कदम उठाए हैं। इस संदर्भ में एडवांस 'इन-सर्विस' पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जिसका उद्देश्य जानकारियों को अद्यतन करना व विभिन्न संकायों में इंस्ट्रक्टर तैयार करना है।

युद्ध के दौरान दूसरे कमान के वायु योद्धाओं को भी प्रशिक्षित करने की यहां तैयारियां चल रही हैं। आधुनिक प्रणाली एवं तकनीकी जरूरतों के मुताबिक एयरमेन के प्रशिक्षण पैटर्न में बदलाव किया गया है। यह बदलाव वर्ष 2014 में ही किया गया। तकनीकी प्रशिक्षण का पुनर्गठन किया गया है। आईटी और साइबर सुरक्षा पर काफी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों के साथ तालमेल के लिए नेटवर्किंग, इनोवेटिव ई-प्रशिक्षण की अवधारणा पायलट परियोजना के तहत लागू की गई है। गौरतलब है कि बेंगलूरु स्थित वायुसेना प्रशिक्षण कमान (मुख्यालय) सभी वायु कॢमयों की मातृ संस्था है।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???