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अब हड़ताल पर नहीं थमेगी मेट्रो की रफ्तार,अभियंता चलाएंगे ट्रेन

Updated: IST bangalore news
पिछले दिनों पहली बार हुई नम्मा मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 7 घंटे तक मेट्रो का परिचालन बाधित रहा था लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा

बेंगलूरु. पिछले दिनों पहली बार हुई नम्मा मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 7 घंटे तक मेट्रो का परिचालन बाधित रहा था लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा। अब चालकों के हड़ताल पर जाने की स्थिति में मेट्रो का परिचालन की कमान अभियंताओं की टोली संभालेगी। हालांकि, पहले इसके पूर्व सैनिकों को नियुक्त करने का प्रस्ताव था।

मुख्य धारा के कर्मचारियों की ओर से उत्पन्न संभावित परिस्थितियों में भी मेट्रो ट्रेन का परिचालन सुनिश्चित बनाने पूर्व सैनिकों की बैकअप टीम बनाने की योजना से नम्मा मेट्रो प्रबंधन ने कदम खींच लिए हैं। बेंगलूरु मेट्रो रेल निगम (बीएमआरसीएल) ने ऐसा कर्मचारी संघ के कड़े विरोध के बाद किया है।

बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला के कार्यालय में हुई एक बैठक में योजना बनाई गई है कि बैकअप टीम के रूप में रोलिंग स्टॉक विभाग के सहायक अभियंता (एई) और सहायक कार्यकारी अभियंताओं (एईई) को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसमें ट्रेनों के परिचालन का कार्य भी शामिल होगा।

अभियंताओं को अगले माह से प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में 35 वर्ष से कम आयु वाले कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि वह सभी दृष्टिकोण से कारगर साबित हों। बैकअप टीम के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने से पूर्व चिकित्सा परीक्षण दौर से गुजरना होगा। ताकि उनकी योग्यता को लेकर किसी प्रकार के सवाल न उठें। चंूकि अधिकतर अभियंता चार साल के अनुबंध पर नियुक्त हैं, जबकि पूर्व कर्मचारियों का अनुबंध सिर्फ एक साल का है।

मिलेगा अतिरिक्त वेतन

बीएमआरसीएल के सूत्रों का कहना है कि जब रोलिंग स्टॉक के कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य करवाए जाएंगे तो उन्हें अतिरिक्त वेतन का भुगतान भी किया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या अभियंताओं से ट्रेन चलवाने का काम भी लिया जाएगा तो कहा गया कि आवश्यकता हुई तो उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे।

तो खतरे में पड़ती यात्रियों की जिंदगी

बीएमआरसीएल कर्मचारी संगठन के उपाध्यक्ष सूर्यनारायण मूर्ति ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रबंधन ने घोषणा की थी कि बैकअप टीम के रूप में पूर्व सैनिकों को नियुक्त किया जाएगा, जिसका विरोध किया गया। क्योंकि अधिकांश पूर्व सैनिक और पुलिस कर्मचारी तकनीकी रूप से सक्षम नहीं होते। साथ ही 60 या इससे अधिक आयु में आंखों की दक्षता और स्वास्थ्य समस्याएं भी होती हैं। ऐसे में यदि पूर्व कर्मचारियों से ट्रेन चलवाई जाती तो यात्रियों की जिंदगी को खतरा होता।

3 स्टेशनों पर पार्किंग निविदा आमंत्रित

निगम ने बनशंकरी, आरवी रोड और मैसूरु रोड मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग के लिए निविदाएं मांगी हैं। मुख्य जन संपर्क अधिकारी यूए वसंत राव ने बताया कि निविदा जमा करने की अंतिथि 31 जुलाई है। उसी दिन बोलीदाताओं की घोषणा भी कर दी जाएगी। फिलहाल 42 में से 16 मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाएं हैं।

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