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Video Icon डीएम ने लापरवाही बरतने पर 167 अफसरों का वेतन रोका

Updated: IST  DM Pankaj Yadav
डीएम पंकज यादव ने जिले का मुखिया होने के नाते खुद भी वेतन लेने से इनकार कर दिया है।

बरेली। जनता की शिकायतों का निस्तारण न करना जिले के 167 अधिकारियों को महंगा पड़ गया। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले विभिन्न विभागों के 167 अफसरों का जिलाधिकारी पंकज यादव ने नवंबर माह के वेतन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं डीएम ने इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए खुद भी वेतन लेने से मना कर दिया है। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।

इन पर हुई कार्रवाई

डीएम पंकज यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर सभी शिकायतों का ब्यौरा देना होता है और ये बताना पड़ता है कि शिकायतों का निस्तारण समय पर कर दिया गया है। डीएम ने सभी एसडीएम, एडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और चकबंदी अधिकारियों और पुलिस, नगर निगम, बीडीए, विकास भवन के विभिन्न विभागों के शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारियों का वेतन रोक दिया है। इसमें तहसील दिवस में आने वाली शिकायतें हो या अधिकारियों के पास जनता द्वारा की गई शिकायत हो, सभी का समय पर निस्तरण करना होता है। लेकिन बरेली के ज्यादातर विभाग के अफसरों ने अपने काम में लापरवाही बरती। जिसके बाद डीएम ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी 167 अफसरों के वेतन पर रोक लगा दी है।

शिकायत निस्तारण के बाद ही मिलेगा वेतन

जिलाधिकारी ने शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक शिकायतों का निस्तारण नहीं हो जाता वेतन नहीं दिया जाएगा। जिलाधिकारी के इस फैसले से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

खुद भी नहीं लेंगे वेतन

जिलाधिकारी पंकज यादव ने कठोर निर्णय लेते हुए अफसरों के वेतन पर तो रोक लगाई है। साथ ही उन्होंने जिले का मुखिया होने के नाते खुद भी वेतन लेने से इनकार कर दिया है।

सादगी पसंद अधिकारी हैं पंकज यादव

जिलाधिकारी पंकज यादव बरेली में ज्वाइन करने जब पहुंचे थे तो वो बगैर किसी को बताए रेलवे स्टेशन से ऑटो द्वारा सर्किट हाउस पहुंचे गए थे। साथ ही उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी से नीली बत्ती भी हटवा दी है।

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