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काला कानून कहते हुए अधिवक्ताओं ने जलाई अध्यादेश की प्रतियां

Updated: IST black law copies
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने इसे काला कानून कहा। संसोधन को वापस लेने केंद्रीय कानून मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

जगदलपुर. जिला अधिवक्ता संघ ने शुक्रवार को कोर्ट परिसर में न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार किया। लाल फीता बांध कर विरोध प्रदर्शन किया और आखिर में ला कमीशन के प्रस्तावित संशोधन बिल 2017 की प्रतियों को आग लगाकर विरोध जताया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने इसे काला कानून की संज्ञा दी। सचिव नवीन ठाकुर ने कहा कि इस संसोधन को वापस लेने दबाव बनाया जाएगा।

विधिक कार्य पर विपरीत असर

अधिवक्ता संघ सदस्यों ने बताया कि ला कमीशन द्वारा अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन के लिए बिल का प्रारुप तैयार कर संशोधन प्रस्तावित किया गया है। ला कमीशश्न के इस प्रस्तावित बिल के प्रावधान अधिवक्ता समुदाय की स्वतंत्रता पर अयुक्तियुक्त निर्बधन अधिरोपित करते हैं। कमीशन के प्रस्तावित संशोधन से अधिवक्ता समुदाय के द्वारा जनहित में किए जा रहे विधिक कार्य पर विपरीत असर पड़ेगा।

नामंजूर करने की मांग

उन्होंने इस संशोधन बिल 2017 का पुरजोर विरोध करते इसे नामंजूर करने की मांग की है। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष बीएस चौहान को बर्खास्त करने की मांग भी की है। इस आशय को लेकर दोपहर को उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री के नाम ज्ञापन कलक्टर को सौँपा। इस मौके पर उपााध्यक्ष मीना देव, सह सचिव पवन राजपूत, भूपेंद्र सिंह ठाकुर, विपुल श्रीवास्तव, बैजनाथ शर्मा, एल इश्वर राव, झरना बांगर सिंह, विश्वनाथ नायड़़ु, दीपक राय, राकेश दास, दीपक त्रिवेदी समेत अन्य मौजूद थे।

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