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गंजीर ने आवासीय परिसर, फार्म हाउस और जमीन दलाली में खपा दिया है सारा कालाधन

Updated: IST ACB raid
मंत्री केदार कश्यप से करीबी का नाजायज फायदा उठाते हुए पहले तो सफलता के पायदान चढ़ा। उसके बाद उसने बेनामी संपत्ति बनाने में सभी को पीछे छोड़ दिया।

जगदलपुर/ दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा में जिला शिक्षा अधिकारी के तौर पर पदस्थ सुभाष गंजीर ने दशक भर के भीतर ही करोड़ों की कमाई कर डाली।उसने अपनी बेनामी कमाई में भाई सतीश गंजीर को भी साझेदार बनाया दिया।

सतीश के नाम पर भी मकान, फार्म हाउस और कई प्लाट शहर सहित ओडिशा में हैं। एसीबी की टीम सभी कागजातों को खंगालने जुटी हुई है। सुबह पांच बजे से देर शाम तक एसीबी की टीम इन जगहों पर कब्जा जमाए नजर आई। सभी जगहों पर दरवाजे बंद कर पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है।

ओडिशा में खपाई करोड़ों की कमाई

गंजीर ने अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा सीमावर्ती ओडिशा में खपाया है। इसकी वजह है कि छत्तीसगढ़ सरका की नजर से बचे रहना और ओडिशा में सस्ती दर पर जमीन का सौदा करना। धनपुंजी, चोकावाड़ा व चांदली ऐसे इलाके हैं जहां से चंद किमी दूरी पर नगरनार स्टील प्लांट है। गंजीर को मालूम है कि आने वाले दिनों में इन जगहों की कीमत आसमान को छू लेंगी।

भाई की दलाली में साझेदारी

सुभाष ने अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा खपाने के लिए भाई को जमीन का दलाल बनाया। जमीन की खरीद- फरोख्त के नाम पर व मोटी रकम फंसाई है। चोकावाड़ा में उसने एनएच 30 के किनारे दस एकड़ जमीन पर फार्म हाउस बनाया है। फिलहाल यहां करेला व मिर्च जैसी नगद फसलों की खेती हो रही है। फिलहाल सुभाष ने अपनी सारी कमाई को कागजी तौर पर भाई- भतीजों के नाम दर्शाया है।

मंत्री केदार से करीबी ने दूर की गरीबी

सुभाष ने अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक के तौर पर की। स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप से नजदीकी के बाद सुभाष की किस्मत ने पलटा खाया। कहा जाता है कि फर्जी मार्कशीट के भरोसे उसने बीआरसी का पद हथिया लिया। इसके बाद मंत्री कश्यप ने ही उन्हें दंतेवाड़ा में जिला शिक्षा अधिकारी बनने की पेशकश की। चार साल पहले दंतवाड़ा में डीईओ बनने के चार साल के भीतर ही गंजीर करोड़ों का आसामी बन गया।

सामाजिक रुतबा बढ़ाया

केदार कश्यप से करीबी व रुपए कमाने के बाद सुभाष गंजीर ने अपना सामाजिक रुतबा बढ़ाने जुट गया था। शहर में कई सामाजिक कार्यो में वह बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेता था। मंत्री से करीबी का रुतबा के चलते विवादों के बावजूद उसकी तरक्की बेरोकटोक जारी रही।

सरकारी आवास व कार्यालय में नगद व सोना

दंतेवाड़ा में उसके सरकारी आवास व कार्यालय में भी एसीबी पहुंची थी। यहां आठ लाख 71 हजार रुपए नगद सहित 12 तोला सोना मिला है। इसके अलावा कई बैंक अकाउंट, लाकर व जमीन के कई कागजात हासिल करने टीम को सफलता मिली है। छापामारी की कार्रवाई के दौरान आवासीय परिसर व शापिंग कांप्लेक्स के आसपास पुलिस की तैनाती की गई है।

जेवरात की पहचान और तौल के लिए सोनार को बुलाया

छापेमारी के संबंध में के टीम सदस्य सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जानकारी रायपुर मुख्यालय से मीडिया को दी जाएगी।

एसीबी की टीम में जांच के दौरान जेवरात की पहचान और तौल के लिए स्थानीय सोनार को बुलाया गया। बताया गया कि आवास में आधे जेवर आर्टिफिशियल थे। जो इलेक्ट्रानिक तराजू लेकर पहुंचा था।

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