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नोटबंदी: किसानों से खरीदा 116 करोड़ का धान, 6 करोड़ देकर कहा कैश नहीं

Updated: IST Paddy procurement
जिले में किसानों को भुगतान के लिए 116 करोड़ रुपए की दरकार है पर अब तक केवल 6 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया गया है। किसानों के अनुसार समितियों से मिल रहा नगद नाकाफी है।

बेमेतरा.किसानों को धान बेचने के बाद बैकों में नगद की कमी का शिकार होना पड़ रहा है। जिले में किसानों को भुगतान के लिए 116 करोड़ रुपए की दरकार है पर अब तक केवल 6 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया गया है। किसानों के अनुसार समितियों से मिल रहा नगद नाकाफी है। खर्चों व बाजार के कर्ज के भुगतान के लिए नगद आने का इंतजार करना पड़ रहा है। बताना होगा कि नोटबंदी के चलते किसानों को उपज को बेचने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे किसानों पर आर्थिक संकट आ गया है। जिले के किसान 15 नंवबर से समर्थन मूल्य पर धान बेच रहे हैं। जिसके बाद किसानों को रकम के लिए भटकना पड़ रहा है।

भुगतान के लिए मिला है 20 करोड़ रुपए

जानकारी के अनुसार 15328 किसानों ने 116 करोड़ का धान बेचा है। जिसमें से किसानों को केवल 6 करोड 60 लाख रुपए का भुगतान हो पाया है। जिले की समितियों को भुगतान के लिए करीब 20 करोड़ रुपए मिला है। कम रकम मिलने के कारण किसानों को भी कम राशि का ही भुगतान किया जा रहा है। बेमेतरा के नोडल अधिकारी आरएस कश्यप ने बताया कि शासन से जितने राशि का आबंटन आ रहा है, उतने राशि को जिलेभर के किसानों के खाते में डाल रहे हैं। जिसे नियम के तहत किसानों को निकालना है।

ये दिक्कत भी नहीं सुलझी

जिले में अब तक 793237 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। जिसमें 334298 क्विंटल मोटा, 101535 क्विंटल पतला, 357404 क्विंटल सरना है। खरीदे गए धान में से 214927 क्विंटल धान का परिवहन किया गया है, जो कि कुल खरीदे गए धान का 27 फीसदी है। समितियों में 578310 क्विंटल धान का स्टाक है।

हार्वेस्टर का किराया व मजदूरों का भुगतान नहीं दे पा रहे किसान

डुडा में धान बेचने वाले किसान धनेश वर्मा (सिंधैारी) ने बताया कि उन्हें धान बेचने के बाद बार-बार राशि की जानकारी के लिए बैंक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कम राशि मिलने के कारण हम अनाज बेचने के बाद भी मजदूरों का भुगतान व मिंजाई के लिए काम पर लगाए गए हार्वेस्टर के किराए का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा बाजार से लिए कर्ज का भुगतान करने में परेशानी हो रही है। सिरवाबांधा के किसान रामाधार जागडे ने बताया कि लाख रुपए का अनाज बेचने के बाद केवल 24 हजार रुपए मिल रहा है, वह भी साप्ताह भर के लिए ऐसे में हम पर अघोषित रुप से पहाड़ टूट पड़ा है।

मिलर्स ने धान उठाना शुरू किया

जिले में विपणन कार्यालय द्वारा मिलरों को 191166 क्विंटल धान उठाने का आर्डर जारी कर दिया गया है। आदेश के बाद मिलरों ने अब तक 6000 क्विंटल का उठाव किया हैै। जिसके बाद अभी भी मिलरों को 8266 क्विंटल धान का उठाव करना है। लेकिन मिलरों को पतला धान उठाने के लिए एक भी आर्डर जारी नहीं किया गया है। परिणाम स्वरूप पतला धान को दीगर जिले के मिलों में खपाया जा रहा है। अब तक दीगर जिले के मिलरों को 75000 मिट्रिक टन का उठाव कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा 275000 मिट्रिक टन धान का भंडारण दुर्ग के असरनारा, सेलूद व ठेंगाभाठ में किया जाएगा। खरीदे गये कुल 411861 क्विंटल धान में से 208927 क्विंटल धान का परिवहन दीगर जिलों को किया गया है।

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