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झोपड़ी में लग रही आंगनबाडिय़ां

Updated: IST Anganwadi Center
भवन नहीं होने से होती है परेशानी पंचायत की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे नन्हें बच्चे


कोथलकुंड. ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली आंगनबाडिय़ों के हालात बेहद खराब है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी आंगनबाडिय़ों के पास खुद का भवन नहीं है। आंगनबाडिय़ों को किराए के जर्जर और कंडम हो चुके मकानों में संचालित करना पड़ रहा है जो कभी भी बच्चों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ग्राम पंचायत निरोंगी, काकड़पानी सहित प्रभात पट्टन में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन नहीं बन सके हैं आज भी इन गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र कंडम हो चुके भवनों में लगाए जा रहे हैं। खास बात तो यह है कि ग्राम पंचायत निरोंगी में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन बनाया जा रहा है पर चार साल से भवन का काम बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने भवन का काम पूरा करने की मांग भी ग्राम पंचायत से की पर पंचायत ने हर बार राशि की कमी का हवाला देते काम पूरा नहीं किया। काकड़ पानी की बात करें तो यहां पर लकडिय़ों के सहारे भवन की छत खड़ी है जो कभी भी तेज हवा में धराशाही हो सकती है। बावजूद अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है। ग्राम काकड़पानी की लक्ष्मी बारस्कर, कविता बारस्कर, ललिता सेलूकर, सुगंती बारस्कर का कहना है कि गांव में आंगनबाड़ी के लिए पक्का भवन नहीं होने के कारण लंबे समय से एक झोपड़ीनुमा घर में केंद्र संचालित हो रहा है जो कभी भी बच्चों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है। मकान की हालत बेहद खस्ता है।

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