Patrika Hindi News

> > > > Mineral Department Collector’s raid, found flaws in the record

खनिज विभाग में कलेक्टर का छापा, रिकॉर्ड में मिली खामियां

Updated: IST A surprise inspection in the Department of Mineral
कलेक्टर शंशाक मिश्र ने बुधवार दोपहर 12 बजे खनिज विभाग पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण से अन्य विभागों में भी हड़कंप मच गया था।

बैतूल। खनिज अधिकारी के तबादले के ठीक दूसरे दिन कलेक्टर शंशाक मिश्र ने बुधवार दोपहर 12 बजे खनिज विभाग पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के इस छापामार निरीक्षण से अन्य विभागों में भी हड़कंप मच गया था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले विभाग की समस्त शाखाओं में जाकर मुआयना किया। इसके बाद वे सीधे खनिज अधिकारी के कक्ष में पहुंचे। इस दौरान खनिज विभाग का पूरा अमला कतार में खड़ा नजर आया। कलेक्टर मिश्र ने अधिकारियों से खदानों के संदर्भ में जानकारी लेते हुए अवैध उत्खनन को लेकर भी सवाल जवाब किए। साथ ही फाइलें बुलाकर दस्तावेजों की बारिकी से जांच-पड़ताल की। करीब एक घंटे चले इस निरीक्षण के दौरान विभाग में सन्नाटा पसरा हुआ था। निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में कलेक्टर ने बताया कि रूटीन निरीक्षण था। नीलाम खदानों की पंजी संधारण नहीं होने पर सचेत किया गया है। कुछ अन्य खामियां भी सामने आई है। हमनें अधिकारियों को दो माह का समय दिया है कि वे रिकॉर्ड दुरुस्त कर लें। दो माह बाद पुन: औचक निरीक्षण किया जाएगा।
खनिज अधिकारी की 16 महीने में हो गई रवानगी
बैतूल। जिला खनिज विभाग में पदस्थ खनिज अधिकारी शिवनाथ पटेल की महज 16 महीनों में ही जिले से रवानगी हो गई। शासन द्वारा उनका तबादला भोपाल कर दिया गया है। उनके तबादले के पीछे सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की नाराजगी होना बताया जा रहा है, क्योंकि जिले में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का काम चल रहा था। अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें भी सामने आ रही थी, लेकिन विभाग प्रमुख द्वारा इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। जिसके कारण उन्हें जिले से रूखस्त होना पड़ा है। हालांकि खनिज अधिकारी तबादले की वजह स्वयं का निवेदन होना बता रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अवैध उत्खनन पर लगाम नहीं लगा पाना उन्हें महंगा पड़ गया।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???