Patrika Hindi News

#Patrikaforeducation -लोगों को जानने समझने के साथ है अच्छी कमाई, जानिए कैसे बन सकते हैं साइकोलॉजिस्ट

Updated: IST psychological science
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बनते बिगड़ते रिश्तों, तेजी से आगे बढ़ने की लालसा और बढती आत्महत्याओं की घटना जैसे कारणों को देखते हुए मनोविज्ञानिक यानि साइकोलॉजिस्ट्स की जरूरत काफी बढ़ गई है।

भोपाल। हमारे समाज में ज्यादातर लोगों का ये मानना होता है कि साइकोलॉजिस्ट्स सिर्फ मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों का इलाज करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। पहले मनोविज्ञानिक यानि psychologist की भूमिका सिर्फ mental problems से संबंधित बीमारियों तक समझी जाती थी।

लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बनते बिगड़ते रिश्तों, तेजी से आगे बढ़ने की लालसा और बढती आत्महत्याओं की घटना जैसे कारणों को देखते हुए मनोविज्ञानिक यानि साइकोलॉजिस्ट्स की जरूरत काफी बढ़ गई है। लोगों में बढ़ते मानसिक तनाव के कारण ही कॉलेजों में भी साइकोलोजिस्ट की नियुक्ति की जा रही है।

भोपाल की काउंसलर अनुजा पांडे से हमने इस सेक्टर में करियर और स्कोप को लेकर बात की, उन्होंने बताया कि बदलते लाइफस्टाइल के साथ साइकोलॉजी सबजेक्ट में करियर बनाने की संभावनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।

साइकोलॉजी ट्रीटमेंट, बिना दवाइयों का सेवन किए और सोच में परिवर्तन लाने पर आधारित होता है। इसलिए अगर आप शुरूआत से ही इस फील्ड में दिलचस्पी रखते हैं तो आपके लिए ये बेहतर विकल्प हो सकता है।

यह भी पढ़ें :ऑटोमोबाइल सेक्टर में हैं शानदार ऑफर्स, जानें कैसे बनाएं करियर

ये कोर्स केवल किताबी ज्ञान पर आधारित नहीं है बल्कि इसमें स्टूडेन्ट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है। इसके लिए स्टूडेन्ट्स को छात्रों को इंटर्नशिप के लिए भेजा जाता है। हर उम्र के लोगों के साथ, बिभिन्न परिस्तिथियों में किस तरह भावनात्मक रूप से जुड़ कर उनकी समस्याओ का समाधान किया जाए, यह तमाम बातें विशेष रूप से सिखायी जाती हैं।

काउंसलर अनुजा पांडे ने बताया कि इसके लिए देशभर में विभिन्न कॉलेजों में कोर्स संचालित किए जाते हैं। इनमें बीए/बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी(3 वर्ष),एमए/एमएससी इन साइकोलॉजी (2 वर्ष) और पीजी डिप्लोमा इन साइकोलॉजी (2 वर्ष) शामिल हैं।

इस सेक्टर में भी हैं भरपूर विकल्प
हमारे एक्सपर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में रोजगार की कोई कमी नहीं है। यदि आप इसे अपना करियर ऑप्शन चुनते हैं तो साइकोलॉजिस्ट्स सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, यूनिवर्सिटी, स्कूलों, सरकारी एजेंसियों, प्राइवेट इंडस्ट्रीज, रिसर्च आर्गेनाइजेशंस, कॉरपोरेट हाउस में रोजगार मिल सकता है। साइकोलॉजी में स्पेशलाइजेशन के अलावा कई नए क्षेत्र सामने आए हैं। आपके लिए इनमें भी काफी अवसर हो सकते हैं।

psychological science

कंज्यूमर साइकोलॉजी
बाजार में कोई भी नया उत्पाद उतारने से पहले कंज्यूमर सर्वे करवाती हैं और उपभोक्ताओं के टेस्ट, जरूरतों, पसंद-नापसंद इत्यादि को परखने का प्रयास इन्हीं विशषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर करने का प्रयास करती हैं।

सोशल साइकोलॉजी
सामाजिक तनावों को दूर करने के अलावा ये अपराधियों, नशा करने वाले लोगों को मुक्त कराना शामिल है। इनकी सेवाओं का सरकारी समाज कल्याण विभागों, एनजीओ और कई समाज सुधार के कार्यों से जुड़ी एजेंसियों द्वारा लिया जाता है। पारिवारिक झगड़ों, वैवाहिक मामलों तथा अन्य समस्याओं को निपटाने में भी उनकी अहम भूमिका होती है।

इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी
कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया में साइकोलॉजिस्ट की भूमिका आम तौर से देखी जा सकती है। इनका कार्य इंटरव्‍यू में आए आवेदकों के बिहेविया, पर्सनालटी और प्रजेंटेशन का आकलन करना होता है।

साइकोलॉजिस्ट बनने के लिए जरूरी हैं ये चीजें
सिर्फ पढ़ाई करने के बाद एग्जाम पास करने से ही साइकोलॉजी सब्जेक्ट में एक्सपर्ट हो जाएं, ये संभव नहीं है। एक अच्छा साइकोलॉजिस्ट बनने के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स, धैर्यशील और सभी उम्र के लोगों के साथ काम करने की कला होनी चाहिए। इसके साथ ही साइकोलॉजिस्ट्स के लिए सेंसिटिव, केयरिंग, आत्मविश्वासी होने के साथ क्लाइंट को संतुष्ट करने की योग्यता भी आवश्यक है।

एडमिशन लेने के लिए ये हैं प्रमुख इंस्टीट्यूट्स
- जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
- दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी ऐंड अलॉइड साइंसेस, नोएडा
- अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???