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शिवराज बोले सहकारी दुकानों पर बेचें पतंजलि प्रोडक्ट्स, बदलिए किस्मत

Updated: IST shivraj-
मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने उचित मूल्य की सरकारी दुकानों को लाभ में लाने के लिए अन्य सामग्रियां भी इन दुकानों पर बेचने की सलाह दी है।

भोपाल।पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जियो सिम के विज्ञापन में दिखाने पर सोशल मीडिया में बड़ी बहस कड़ी हो गई थी और अब कुछ ऐसा ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी किया है। शिवराज ने एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव बाबा के प्रोडक्ट सहकारी दुकानों पर बेचने की बात कही है। जाहिर सी बात है कि यदि ऐसा होता है तो इसका बड़ा लाभ पतंजलि को भी पहुंचेगा।

अब मध्य प्रदेश की सरकारी राशन की दुकानों पर भी पतंजलि के उत्पाद बिकते हुए नजर आएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने उचित मूल्य की सरकारी दुकानों को लाभ में लाने के लिए अन्य सामग्रियां भी इन दुकानों पर बेचने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि राशन दुकान संचालक योग गुरू बाबा रामदेव से भी संपर्क कर पतंजलि के उत्पादों को यहां बेचने के लिए रख सकते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही। राजधानी में आयोजित दो दिवसीय सहकारिता मंथन को संबोधित करते हुए ये बात कही। इस सहकारिता मंथन कार्यक्रम का विषय बदलते परिवेश में सहकारी संस्थाओं की भूमिका था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय में प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जबकि किसानों को उनके नाम पर ही सहकारी बैंकों से लोन लेने के बारे में पता ही नहीं चला। किसान ने लोन नहीं लिया, लेकिन ट्रैक्टर उसी के नाम पर चल रहा है। इस तरह के मामलों में दोषी बैंक अफसरों और लोन उठाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने विभाग में उसकी भूमिका भी बदलने की सलाह देते हुए कहा कि सहकारी साथ संस्थाओं को अपना दायरा बढ़ाते हुए मल्टीपल काम करना चाहिए, जिससे कि रोजगार के नए अवसरों की शुरुआत होगी। शिवराज सिंह ने उचित मूल्य की सहकारी दुकानों को सलाह देते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो बाबा रामदेव के प्रोडक्ट भी सहकारी संस्थाओं से बिकवा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेशन का वितरण और मनरेगा की मजदूरी भी सहकारी बैंकों के माध्यम से देने की बात कहगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को ऋण बांटने के अलावा भी युवाओं को रोजगार सहित कई सेक्टर में काम करना होगा। साथ ही उन्होंने मंच से ही निर्देश देते हुए कहा कि फाइलें नहीं रुकनी चाहिए और काम रुकने पर ये तय किया जाए कि जिम्मेदारी किसकी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए जल्द ही सभी विभागों में फाइल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करनी की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा अमूल के ब्रांड ने कई जिले बदल दिए तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं हो सकता। कार्यक्रम में सांसद नंदकुमार सिंह चौहान भी उपस्थित थे। नवाचार विंग का गठन मंथन में सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने कहा विभाग ने छह माह का कैलेंडर बनाया है, जिसके अनुसार कार्य किया जा रहा है।

एक नवाचार विंग बनाई है जो दो साल का रोडमैप बनाएगी। मंथन में दो दिन तक 9 समूहों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। जिसके आधार पर दृष्टि-पत्र तैयार किया जाएगा।

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