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फ़ोन पर GIRLS भेज रहीं फ्रेंड रिक्वेस्ट, गलती से भी ना करें एक्सेप्ट, जानें क्यों...

Updated: IST cyber fraud
अनजान व्यक्ति की ओर से बैंक डिटेल्स मांगने पर न बताएं... यह चेतावनी तो सैंकड़ों बार दोहराई जा चुकी है लेकिन जिसको आप पहचान का समझकर लम्बे समय से बातचीत कर रहे हैं ऐसे व्यक्ति से भी बैंक की कोई डिटेल शेयर न करें।

भोपाल। अनजान व्यक्ति की ओर से बैंक डिटेल्स मांगने पर न बताएं... यह चेतावनी तो सैंकड़ों बार दोहराई जा चुकी है लेकिन जिसको आप पहचान का समझकर लम्बे समय से बातचीत कर रहे हैं ऐसे व्यक्ति से भी बैंक की कोई डिटेल शेयर न करें। क्योंकि हो सकता है कि वह व्यक्ति सायबर ठग हो।

सायबर ठग अब सीधे पासवर्ड पूछने के बजाए, व्यक्तियों को लम्बे समय तक बातों में उलझाकर उनसे सम्बंध बनाकर इमोशनल ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। ऐसे ठग न केवल व्यक्ति बल्कि उसके साथ उसके साथियों और परिजनों को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते। ठगों के इस तरीके से सायबर सेल के अफसर भी हैरान हैं।

वर्चुअल वर्ल्ड में फेक प्रोफाइल तैयार कर हो रही ठगी
समाजसेवा में सक्रिय जावेद खान के फेसबुक एकाउंट पर चार माह पूर्व एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। कुछ फेसबुक फ्रेंडस की कॉमन फ्रेंड देखकर उन्होंने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। अपना नाम रिया बताने वाली युवती ने अपने आप यूपी के बड़े राजनेता की बेटी बताया। कुछ दिनों तक फेसबुक वाट्सएप चैटिंग के बाद लगातार फोन करते हुए अपने आप को शुभचिंतक बताया।

इसके बाद बातों-बातों में बच्चों के लिए गिफ्ट भेजने के लिए पता मांगा। कुछ दिनों बाद जब सहायता करने के बहाने एकाउंट नंबर और बैकिंग डिटेल मांगी तो जावेद को शक हुआ। मना करने पर लगातार चैटिंग और बातें जारी रखी। इस बीच कभी रुपए भेजने तो कभी मांगने के नाम पर लगातार बैंक डिटेल मांगने की कोशिश की। जब उन्होंने ने बातें करने से मना किया तो इमोशनल ब्लैकमेलिंग की कोशिशें शुरू हो गई।

महीने भर तक लगातार फोन कॉल्स मैसेज आने पर जब सायबर सेल में शिकायत की गई तो जांच में पता चला कि उक्त राजनेता की इस नाम की कोई रिश्तेदार ही नहीं है जबकि लगातार फोन करने वाली लड़की यूपी की है ही नहीं। जांच में पता चला कि एक पूरी गैंग फेसबुक पर कई नकली आईडी और कई फोन नंबरों से ठगी करने वाला गिरोह है। यह गिरोह युवकों से प्रतिष्ठित युवती तो युवतियों से युवक बनकर दोस्ती गांठकर और इमोशनल ब्लैकमेल करके रुपए ठगता है। सायबर सेल इस मामले की एक पखवाड़े से अधिक समय से जांच कर रही है।

हर बार नए नंबर से फोन
पीडि़त ने सायबर सेल को एक दर्जन से अधिक नम्बर दिए, लेकिन सेल के अधिकारियों ने मोबाइल नम्बरों को ब्लॉक करने में असर्मथता जता दी। आखिरकार पीडि़त ने जब यूपी और बिहार से आ रहे सभी नम्बरों को बिना उठाए ब्लॉक करना शुरू किया और लगातार दो दर्जन से ज्यादा नम्बरों को ब्लॉक कर दिया तब जाकर इस परेशानी कम हुई।

सायबर एक्सपर्ट, यशद्वीप चतुर्वेदी का कहना है कि लोग फेसबुक में फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर उस प्रोफाइल में दर्ज जानकारियों को सच मान लेते हैं। रिक्वेस्ट भेजने वाले की फे्रंड लिस्ट में एक-दो दोस्तों के कॉमन होने पर बिना पड़ताल एक्सेप्ट कर लेते हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर सायबर ठग फेसबुक और वाट्सएप के माध्यम से लोगों से दोस्ती गांठ लेते हैं और फिर इमोशनल ब्लैकमेलिंग भी करते हैं।

एेसे लोग आम नागरिकों को लगातार धमकाने से भी नहीं चूकते ऐसे में लोगों को ब्लैकमेलिंग का शिकार होने के बजाए पहले ही स्तर पर शिकायत करनी चाहिए जिससे समस्या कम हो सके। जागरूकता बढऩे से ठग भी नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं।

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