Patrika Hindi News

कलयुगी पिता ने पहले बेटी को अधेड़ को बेचा, फिर धकेल दिया जिस्मफरोशी के धंधे में

Updated: IST Father sold the first daughter to the elderly, the
एक कलयुगी पिता ने बेटी को कमाई का साधन बना लिया, पहले एक अधेड़ व्यक्ति को 50 हजार रुपए में बेच फिर बहाने से वहां से लाकर 20 हजार रुपए लेकर उसे जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया।

विदिशा (भोपाल)। सुनेंगे तो विश्वास नहीं होगा, लेकिन खुद बेटी ने जब अपनी दास्तां सुनाई तो कलयुगी पिता का क्रूर चेहरा सामने आया। कैसे कोई पिता अपनी सगी बेटी से छेड़छाड़ कर सकता है। कैसे कोई पिता अपनी बेटी को रुपयों के लालच में बेच सकता है। कैसे कोई पिता अपनी बेटी को देह व्यापार के घिनौने काम में धकेल सकता है। लेकिन यह सब हुआ है। अपनों के हाथों छली गई मंडीदीप के रहने वाली यह अभागिन बेटी विदिशा की बाल कल्याण समिति के पास पहुंची है।

अधेड़ करना चाहता था शादी
जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मंजरी जैन ने बताया कि 17 साल की नम्रता (परिवर्तित नाम) को उसके पिता ने जनवरी में गुना के प्रियांशी धाकड़ नाम के 35 साल के युवक को 50 हजार रुपए में बेच दिया था। वह युवक उसे लेकर कोलारस कोर्टं में शादी करने गया, लेकिन उम्र कम होने के कारण कोर्टं मैरिज नहीं हो सकी। इसके बाद वह युवक उसे दो माह तक एक कमरे में बंधक बनाए रखा और उससे दुराचार किया। विरोध करने पर नम्रता की पिटाई की जाती। वह बार-बार नम्रता को ताने देता कि तेरे पिता से 50 हजार में खरीदा है।

अधेड़ के चंगुल से छूटी फिर पिता के चंगुल में
एक दिन मौका पाकर नम्रता युवक के चंगुल से भाग निकली और अपने पिता के पास पहुंच गई। उसने पिता से शिकायत भी की कि तुमने मुझे बेच दिया। पिता ने समझाया और अब अच्छे से रखने को कहा। इसके बाद कुछ वक्त बीता, लेकिन डेढ़ माह बाद प्रियांशी फिर नम्रता के घर आया और संबंध बनाकर साथ चलने को कहा। नम्रता के मना करने पर प्रियांशी ने उस पर चाकू से वार किया और भाग गया। इसकी रिपोर्ट नम्रता ने मंडीदीप थाने में कराई।

20 हजार में फिर किया सौदा
फिर कुछ समय गुजरा और एक दिन नम्रता का पिता उसे किसी बहाने से भोपाल ले गया और आनंदनगर में अनीता गौड़ नामक महिला के पास छोड़ आया। यहां पिता ने उसका सौदा 20 हजार में किया था। पिता के संबंध अनीता से थे। अनीता ने नम्रता को देह व्यापार में उतार दिया और रोजाना 2-4 आदमी उसके पास भेजने लगी। इस दलदल से भी नम्रता किसी तरह भाग निकली और चाइल्ड लाइन की मदद से मंडीदीप थाने और फिर रायसेन एसपी के पास पहुंची।

चाइल्ड लाइन से दिलाया न्याय
तब कहीं जाकर 18 जून को उसके पिता, भोपाल की अनीता गौड़ और प्रियांशी धाकड़ के खिलाफ एफआईआर हुई। अनीता और प्रियांशी गिरफ्तार हो गए, जबकि नम्रता का पिता अभी भी फरार है। चाइल्ड लाइन के रायसेन जिला समन्वयक निमज़्ल कपिल और किरण गौर उसे जिला बाल कल्याण समिति विदिशा की चेयरमैन मंजरी जैन के पास लेकर आए। जहां से पूरा प्रकरण समझकर उसे भोपाल के बालिका गृह में भेज दिया गया।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???