Patrika Hindi News

दिल से लेकर नजर तक का इलाज हुआ महंगा, जाने कैसे जीएसटी करेगा मरीजों की जेब खाली

Updated: IST  heart, heart attack, brain, brain work, cold, col
अगस्त में पहली बार मेडिकल इक्युपमेंट और दवाएं नए टैक्स स्लैब के साथ आएंगी। जाहिर है एेसे में उपचार भी महंगा हो जाएगा।

प्रवीण श्रीवास्तव।
भोपाल। सरकार एक तरफ स्टेंट की कीमतें तय कर मरीजों को राहत देने की बात हो रही है तो दूसरी ओर जीएसटी दिल का दर्द बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही दिल, नजर ही नहीं तमाम बीमारियों से हिफाजत महंगी पड़ जाएगी। दरअसल जीएसटी में दवाओं से लेकर मेडिकल इक्यूपमेंट के टैक्स स्लेब में बदलाव हुआ है। इनपर अब 5 से 9 फीसदी की जगह 12 से 18 फीसदी टैक्स लगेगा।

अगस्त में पहली बार मेडिकल इक्युपमेंट और दवाएं नए टैक्स स्लैब के साथ आएंगी। जाहिर है एेसे में उपचार भी महंगा हो जाएगा। पत्रिका ने शहर के तमाम मेडिकल विशेषज्ञों के साथ मरीज पर पडऩे वाले अतिरिक्त भार की पड़ताल की। सामने आया कि जहां डायलसिस का खर्च सालाना 30 से 40 हजार रु. तक बढ़ जाएगा तो दिल की धड़कनों का खर्च भी 50 हजार रुपए महंगा होगा।

दिल की सुरक्षा
क्या हुआ महंगा: दिल को संभालने वाला पेस मेकर दो हजार रुपए से बीस हजार रुपए तक महंगा हो गया। ऑटोमेटिक करंट सप्लाई करने वाली डिवाइस (आईसीडी) की कीमत 40 हजार से एक लाख रुपए तक ज्यादा हो जाएगी। शहर में हर रोज 15 पेसमेकर तो तीन से चार आईसीडी लगते हैं।
एक्सपर्ट: - वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. सुब्रतो मंडल के मुताबिक अब तक तो पुराने इक्युपमेंट चल रहे थे लेकिन अब हमें नए इक्युपमेंट नए रेट्स पर मंगाने होंगे। इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ेगा।

डायलिसिस पर सबसे ज्यादा मार
क्या हुआ महंगा: डायलिसिस के लिए उपयोग किए जाने वाले ट्यूब, कैथेटर, डाइलाइजर सब महंगे हो गए। यहां तक की ऑक्सीजन पर भी 5 की जगह अब 18 फीसदी टैक्स लगेगा। एक बार की डायलिसिस में 300 से 500 रुपए बढ़ जाएंगे।
एक्सपर्ट: जो मरीज साल में 120 या 140 डायलिसिस कराता है उसे अब 40 हजार रुपए ज्यादा देने होंगे। इसी तरह ऑक्सीजन के रेट 60 से 80 रुपए प्रतिघंटा बढ़कर 100 से 150 रुपए तक हो जाएंगे।

कॉन्टेक्ट लैंस पड़ेगा महंगा
क्या हुआ महंगा: सबसे ज्यादा असर कॉन्टेक्ट लैंस पर पड़ेगा। लैंस की कीमत 200 से 2000 रुपए तक बढ़ जाएगी। इसी के साथ ऑपरेशन में उपयोग होने वाले उपकरण पर पर अब 28 फीसदी टैक्स लगेगा। जिससे सामान्य ऑपरेशन का खर्च भी 1500 से 2000 रुपए तक बढ़ जाएगा।
एक्सपर्ट: नेत्र विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र चावला के मुताबिक इंडियन लैंस की कीमत 1200 से बढ़कर 1500 हो जाएगी। वहीं विदेशी लैंस की कीमत में 2000 से Óयादा का इजाफा होगा। इसका असर ओपीडी से लेकर ऑपरेशन तक में दिखाई देगा।

महंगा होगा अब टूटी हड्डी जोडऩा
क्या हुआ महंगा: सरकार हार्ट स्टेंट की तरह ही इम्प्लांट की कीमतें भी तय करने में जुटी है। ऑपरेशन में लगने वाले सपोर्टिव आयटम जैसे नी कवर, फिंगर कोट, बेल्ट सहित तमाम आइटम पर 8 से 28 फीसदी टैक्स लगेगा। यह सब खर्च ऑपरेशन में ही जुड़ेगा।
एक्सपर्ट: इम्प्लांट डीलर राकेश जैन का कहना है कि अब तक स्थित क्लीयर नहीं है। हमारे पास भी अब तक नया स्टॉक नहीं आया। हालांकि, टैक्स बढऩे से इलाज का खर्च भी 25 फीसदी तक बढ़ जाएगा। अस्पतालों के लिए अचानक बढ़े इस खर्च को मैनेज करना आसान नहीं होगा।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???