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GST- सेल्स टैक्स के नाम पर आरटीओ ऐसे कर रहा है मनमानी

Updated: IST Other taxes along with GST
मध्यप्रदेश में 30 जून से सभी जांच चौकियां हटा ली गई है, लेकिन अंतरराज्यीय माल पर कई जगह सेल्स टैक्स विभाग के नाम पर आरटीओ का अमला भी वाहनों की चैकिंग कर रहा है।

भोपाल। 'एक देश एक करÓ वाला नियम वाणिज्यिक कर विभाग में दिखाई नहीं देता। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में वाणिज्यिक कर विभाग की जांच चौकियां खत्म करने का अधिकार राज्यों को दिया है। राज्य अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं। इसका असर यह हुआ कि राज्यों ने जांच चौकियां तो हटा ली लेकिन उसकी जगह मैदानी अमला कैंप लगाकर वाहनों की जांच कर रहा है। इसके असर से मध्यप्रदेश में सामान लेकर आने वाले वाहन लेट पहुंच रहे हैं।

राजधानी के ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि जीएसटी लागू हुए एक पखवाड़े से अधिक का समय हो गया लेकिन गुजरात, बिहार, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, मेघालय जैसे कुछ राज्यों में विभाग के कर्मचारी कैंप लगाकर वाहनों की जांच कर रहे हैं। इन प्रदेशों से मध्यप्रदेश में भारी मात्रा में उपभोक्ता वस्तुएं आती है। ट्रांसपोर्टर अशोक मालपानी बताते हैं कि मैदानी अमले की तैनाती से मध्यप्रदेश में आने वाले सामान की आवक पर असर हो रहा है। कई जगह माल की बुकिंग नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में 30 जून से सभी जांच चौकियां हटा ली गई है, लेकिन अंतरराज्यीय माल पर कई जगह सेल्स टैक्स विभाग के नाम पर आरटीओ का अमला भी वाहनों की चैकिंग कर रहा है।

प्रांतीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसो. मप्र के सचिव कमल पंजवानी बताते हैं कि कुछ राज्यों में जांच चौकियों पर तैनात रहे कर्मचारी कैंप लगाकर वाहनों की जांच कर रहे हैं। जब जीएसटी में नाके हटाने की बात कही है। कुल मिलाकर जीएसटी के बाद भी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पटरी पर नहीं आई है।

वाणिज्यकर विभाग की सभी चौकियां खत्म हो चुकी हैं। चौकियों के अधिकारी भी वापस आ चुके हैं। अब परिवहन या दूसरे विभागों की जांच चौकियां हो सकती हंै।
मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, वाणिज्यकर विभाग, मप्र

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