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खुलासे के बाद प्रेशर में आ गई एटीएस, भाजयुमो नेता सक्सेना को जेल भेजा

Updated: IST ISI spy scandal : ATS pressure went after revelati
आईएसआई जासूसी कांड...

भोपाल. आईएसआई जासूसी कांड में गिरफ्तार भाजयुमो आईटी सेल के कथित जिला संयोजक ध्रुव सक्सेना को लेकर एटीएस पर भारी दबाव है। उसके संबंध और पार्टी से जुड़ी चीजों के खुलासे के बाद से एटीएस प्रेशर में आ गई थी। इस कारण उसे आनन-फानन में गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। साथ ही मनीष गांधी और मोहित अग्रवाल को भी पेश किया गया। एटीएस ने कहा कि उनसे पूछताछ और जब्ती का काम पूरा हो चुका है, इस कारण जेल भेज दिया जाए। इस पर अदालत ने तीनों को 27 तक जेल भेज दिया। 14 फरवरी को एटीएस ने अदालत में तर्क दिया था कि उनसे एटीएम कार्ड जब्त करना है और खाता खुलवाने में मददगारों का पता लगाना है।

तस्करों से जुडऩे के पीछे मकसद क्या?
एटीएस सूत्र बताते हैं कि बलराम और रज्जन का आमना-सामना कराया जाएगा और यह पता लगाया जाएगा कि तस्कर गिरोह से जुडऩे के पीछे उनका मकसद क्या था। क्या आईएसआई इस गिरोह के नेटवर्क का उपयोग करना चाहती थी या फिर पंजाब की तरह उसका मप्र में भी नशे का आतंक फैलाने की योजना थी। पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में भी ड्रग्स तस्करों के ही नेटवर्क का उपयोग हुआ था। इसलिए एटीएस उनके इरादों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

एक साल पहले पकड़ाया था रज्जन
बलराम का साथी रज्जन और उसका एक अन्य साथी केपी यादव एक साल पहले उप्र के बुलंद शहर में फर्जी एटीएम कार्ड मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। यादव भी एटीएस की हिरासत में है। एटीएस के अनुसार बलराम, रज्जन और यादव का लिंक है। बलराम और रज्जन के बीच पैसों के लेनदेन का भी रिकार्ड है।

एटीएस ने कोर्ट में कहा, यह मास्टर माइंड
एटीएस ने आरोपी राजीव उर्फ रज्जन तिवारी को अदालत में मास्टर माइंड बताया है। अब तक एटीएस बलराम को मास्टर माइंड मान रही थी, उसने पूछताछ में रज्जन को बताया। बलराम ने एटीएस को बताया कि वह राजीव तिवारी के कहने से पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में आया था। रज्जन ने उसे जो मोबाइल फोन दिया गया था वह कीपेड लॉक करके दिया था।

ड्रग्स तस्कर से जुड़े थे 'देशद्रोहीÓ
जासूसों के तार ड्रग्स तस्कर गिरोह से जुड़े हैं। उनका एक साथी तस्करों के गैंग में शामिल हो गया था। बलराम के इस खुलासे के बाद एटीएस ने जेल में बंद उसके साथी राजीव तिवारी उर्फ रज्जन को रिमांड पर लिया है। एटीएस को संदेह है कि आईएसआई के इशारे पर ही वह तस्कर गिरोह से जुड़ा होगा। गिरोह का नेटवर्क ओडिशा, बिहार, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैला है। सूत्रों ने बताया कि आईएसआई के इशारे पर ही सतना का राजीव तिवारी ने ड्रग तस्कर जस्सा गिरोह में भी घुसपैठ शुरू की थी। आईएसआई ने ही उसे विंध्य के तस्कर गिरोह में पैठ बनाने का कहा। सरगना अभी जेल में है। उसके बाद उसके भाई ने कारोबार संभाला, लेकिन वह भी पकड़ा गया। उनका एक साथी राकेश जायसवाल और रज्जन को भी पिछले दिनों पुलिस ने डेढ़ किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। एटीएस का दावा है कि रज्जन मास्टरमाइंड है और वह बलराम से पहले आईएसआई से जुड़ा था। बलराम का कहना है कि वह रज्जन के कहने पर ही आईएसआई से जुड़ा है। अब दोनों का आमना-सामना कराया जाएगा। रज्जन के एक साथी को भी हिरासत में लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। रज्जन को सतना पुलिस ने 9 फरवरी को उसी दिन पकड़ा था, जिस दिन बलराम को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। दो दिन पूछताछ करने के बाद रज्जन और उसके साथी को जेल भेज दिया गया था। रज्जन और बलराम लगातार संपर्क में थे और उनके बीच पैसों का लेनदेन भी हो रहा था।

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