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 शराब और तनाव से बिगड़ रहा हमीदिया का माहौल

Updated: IST bhopal
डॉक्टर की मारपीट का मामला, आरोपी छात्र छह माह के लिए सस्पेंड

भोपाल. हमीदिया अस्पताल में रविवार को जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के बीच हुई मारपीट के बाद आरोपी डॉक्टर को छह माह के लिए सस्पेंड कर दिया है। सोमवार को डॉ. डीके पाल, डॉ. अरविंद राय, डॉ. जयंती यादव और डॉ. लोकेंद्र दवे की टीम की रिपोर्ट के बाद डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने यह निर्देश दिए।

कमेटी ने सोमवार सुबह सभी आरोपी छात्रों के बयान दर्ज किए। इस दौरान पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. संजय यादव ने लिखित में बयान दिया कि वह खुद की गलती स्वीकार करता है। उसने इस मामले से अन्य छात्रों का संबंध न होने की बात भी कही। डॉ. संजय यादव के इकबालिया बयान के बाद डीन ने उसे छह माह के लिए सस्पेंड कर दिया। यही नहीं इस दौरान छात्र के स्टायपेंड रोकने के निर्देश भी दिए गए।

इधर, मामले को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह सारी घटनाएं हॉस्टल में उपलब्ध शराब और तनाव के कारण होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉस्टल में शराब पार्टी के साथ कॉन्फ्रेंस में शराब पर रोक लगा दी जाए तो इन घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

सीनियर डॉक्टर के दबाव में किया सस्पेंड

पूरा मामला रविवार सुबह घटित हुआ। इसके बावजूद पूरे दिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी छात्रों पर कार्रवाई न होते देख सीनियर स्टूडेंट्स और भड़क गए। सोमवार सुबह करीब 50 से ज्यादा सीनियर स्टूडेंट्स गांधी मेडिकल कॉलेज में एकत्रित हुए और आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। एेसा नहीं करने पर उन्होंने हड़ताल की धमकी भी दी। सीनियर छात्रों की धमकी के बाद प्रबंधन ने आरोपी छात्र पर कार्रवाई की।

अब हर रोज देनी होगी हॉस्टल की रिपोर्ट

जांच कमेटी में शनिवार रात हॉस्टल में हुई शराब पार्टी का भी जिक्र किया गया। साथ ही कमेटी ने सुझाव दिया कि अगर हॉस्टल से इस तरह के आयोजनों की सूचना पहले ही मिल जाए तो घटनाओं को रोका जा सकता है। इस पर डीन ने हॉस्टल वार्डन को चेतावनी दी है कि वो हर प्रकार की गतिविधि की जानकारी डीन को देंगे।

ब्लॉक सी बनता है झगड़े का कारण

मामले की एक वजह बॉयज हॉस्टल का ब्लॉक सी भी है। दरअसल, इस ब्लॉक में जूनियर और सीनियर स्टूडेंट्स एक साथ रहते हैं। यही कारण है कि यहां जूनियर और सीनियर का विवाद होता रहता है। कमेटी ने इस गड़बड़ी को दूर करने का सुझाव दिया।

घायल छात्र की स्थिति बेहतर

विवाद में घायल सीनियर छात्र की स्थिति अब बेहतर है। सोमवार को उसकी सीटी स्कैन सहित तमाम जांच कराई गईं। जांच कर रहे डॉक्टर का कहना है कि छात्र कह तबीयत पूरी तरह से ठीक है।


विशेषज्ञों की राय

शराब बंद हो तो नहीं होगा हंगामा

मैं 1966 में गांधी मेडिकल कॉलेज आया, रैगिंग उस समय भी होती थी। सीनियर जूनियर की प्रथा भी थी, लेकिन एेसे विवाद नहीं होते थे। मुझे याद नहीं कि कभी डॉक्टर्स आपस में झगड़े हों। वहीं, मरीजों के परिजनों से भी विवाद यदाकदा होता था, लेकिन वर्तमान में यह मामले रोजाना के हो गए हैं और इसका सबसे बड़ा कारण शराब है। अब इन छात्रों को हॉस्टल में ही बड़ी आसानी से शराब मिल जाती है, जो इन्हें आक्रामक बनाती है। दूसरा बड़ा कारण मैनेजमेंट का कमजोर होना है। हमारी हिम्मत नहीं होती थी कि हम मैनेजमेंट के खिलाफ हो जाएं, अगर अभी भी मैनेजमेंट स्ट्रिक्ट हो जाए तो इस तरह के मामलों पर रोक लग सकती है।

- डॉ. एनआर भंडारी, पूर्व संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग

काउंसिलिंग निभा सकती है अहम रोल

जूडा द्वारा बार-बार मारपीट करने का सबसे बड़ा कारण है ज्यादा तनाव और काउंसिलिंग का नहीं होना है। अब जूनियर डॉक्टरों के बीच पहले जैसा सौहार्द नहीं बचा। उनमें आपसी मेलजोल न होने से सम्मान भी खत्म हो जाता है। वहीं, जूनियर डॉक्टर लगातार 36 घंटे काम करते हैं जो तनाव का कारण बनता है। मेडिकल कॉलेजों में स्ट्रेस मैनेजमेंट और काउंसिलिंग भी एक पार्ट होना चाहिए।

डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, मनोचिकित्सक

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लगातार बढ़ रहे मामले

18 दिसंबर 2016 : एक सुसाइडकेस में ठीक से उपचार न मिलने पर परिजनों ने शिकायत की तो जूडा ने परिजनों को पीटा, इसके बाद हड़ताल।

25 दिसंबर 2016 : मेडिसिन वार्ड दो में एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला के पिता ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक जूडा को चांटा मार दिया।

27 दिसंबर 2016 : सर्जिकल वार्ड दो में भर्ती अमीन के पिता को जूडा ने सिर्फ इस बात पर चांटा मार दिया कि उसने सीनियर डॉक्टर से शिकायत कर दी थी।

01 जनवरी 2017 : क्रिकेट खेलने के दौरान घायल हुए लड़के को समय पर उपचार नहीं मिला, गुस्साए दोस्तों ने हंगामा किया।

07 जनवरी 2017: सीएम हेल्पलाइन पर अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायत करने पर जूडा ने की मारपीट

13 जनवरी 2017 : एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने गलत उपचार के आरोप लगाए तो जूडा परिजन की पिटाई कर दी।

08 जुलाई 2017 : गर्भवती को खून नहीं मिलने पर मौत के बाद विरोध पर जूडा ने पीटा।

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