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मर्दों में सेक्स पॉवर बढ़ाते हैं ये जानवर, मंदिर के पुजारी ने ही कर दिया ये घिनौना काम

Updated: IST mp racket
खरगौन के प्राचीन नवगृह मंदिर के पुजारी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है। यह पुजारी दुनियाभर में वन्य जीवों छिपकली, गोह, हाथा जोड़ी, सियार सिंगी आदि को मारकर उनके जननांगों को बेचता था।

भोपाल। मध्यप्रदेश के खरगौन का नाम अब वन्य जीवों की आनलाइन तस्करी में भी जुड़ गया है। खरगौन के प्राचीन नवगृह मंदिर के पुजारी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है। यह पुजारी दुनियाभर में वन्य जीवों छिपकली, गोह, हाथा जोड़ी, सियार सिंगी आदि को मारकर उनके जननांगों को बेचता था। उसका दावा था कि इससे नपुंसक मर्दों में भी सेक्स पॉवर जाग जाएगा। इसके अलावा घर में समृद्धि के लिए भी वह जानवरों के ही अवशेष ऑनलाइन बुकिंग के जरिए बेचता था।

पिछले दिनों खरगौन में भोपाल एसटीएफ ने वन विभाग के सहयोग से पुजारी लोकेश जागीरदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पुजारी के साथ ही व्यापारी सुमित शर्मा, सचिन शर्मा, फिरोज अली को भी गिरफ्तार किया है।

13 छिपकली बरामद
पुजारी लोकेश के कब्जे से 13 बड़ी छिपकली के जननांग बरामद किए गए हैं। लोकेश इन जननांगों को यह कहकर बेचता था कि छिपकली के जननांग ह्यूमन सेक्स पॉवर बूस्टर का काम करते हैं। पकड़े गए लोग ऐसी छिपकली जो अक्सर रेगिस्तान, जंगलों और तटीय इलाकों में पाए जाती है, उसे पुरुषों का सेक्स पावर बढ़ाने वाला बताकर उसका कारोबार कर रहे थे। इस तरह की छिपकली को स्थानीय भाषा में ‘हाथा जोड़ी’ भी कहा जाता है। इसके शरीर पर कांटा होता है। यह आयुर्वेदिक पौधे ‘हाथ जोड़’ की तरह ही होता है, जिसका इस्तेमाल टूटी हड्डियों को जोड़ने में होता है।

एक अंग की कीमत पंद्रह हजार
पुलिस के मुताबिक यह लोग छिपकली के जननांगों के एक टुकड़े के बदले में नपुंसक लोगों से 5000 रुपए लेकर 15,000 रुपए वसूलते थे।

सूत्रों के मुताबिक पुजारी लोकेश जागीरदार लोगों में हाथा जोड़ी छिपकली को लेकर धार्मिक भावना जगाता था और उसके बाद उसकी पूजा करवाता था, जिससे अधिक से अधिक संख्या में ऐसी छिपकली मंदिर के पास आ सके।

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(आरोपी पुजारी के पास से बरामद वन्य जीवों के शरीर के अंग।)

रेगिस्तान से लाते थे छिपकली
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह तस्कर पश्चिमी मध्यप्रदेश और राजस्थान के रेगिस्तान से छिपकली को मारकर लाते थे। उल्लेखनीय है कि इस तरह की छिपकली इकोलॉजिकल बैलेंस के लिए आवश्यक होती हैं। भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के अंतर्गत इनका शिकार करना दंडनीय है।

क्या होता है सियारसिंगी
सियार या गीदड़ सिंगी। इसका इस्तेमाल तंत्र-मंत्र के लिए किया जाता है। इसे सियार सिंगी इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह सियार का सींग माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार जब सियार ऊपर मुंह करके चिल्लाता है, तो उसका सिर पर एक नुकीला भाग उभर जाता है और जो सींग के समान ही सख्त होता है। कई लोगों का मानना है कि सियार की नाक के ऊपर एक सींग नुमा हिस्सा उभर आजा है जो समय के साथ सख्त हो जाता है। ये हजारों में से किसी एक सियार में देखने मिलता है। ये बहुत ही दुर्लभ माने जाते हैं।

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प्रेमी-प्रेमिकाओं को वशी में करता है ये
सियार सिंगी का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र के लिए खासतौर पर किया जाता है। भारतदेश में प्रचलन कब शुरू हुआ ये कोई नही बता सकता, लेकिन धन, व्यापार सहित पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिकाएं अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बताया जाता है कि इसे सिंदूर में रखने से इसके बाल बड़े होने लगते हैं और सिंदूर में ही ये लंबे समय तक जीवित रहता है। तांत्रिकों के पास ये विशेष रूप से देखने मिलता है। इसे मंत्रों के जरिए विधि-विधान से कर रखा जाता है। कई लोग इसे पाने के लिए जंगल की खाक छानते फिरते हैं।

पेंगोलिन का भी होता है शिकार
पेंगोलिन के शिकार के मामले भी मध्यप्रदेश में बढ़े हैं। दुनियाभर में पेंगोलिन की डिमांड सेक्स पॉवर बढ़ाने की दवा में होता है। इसी वजह से इसके अवैध शिकार के मामले सामने आते रहे हैं। यह मध्यप्रदेश के जंगल में बहुत हैं। कुछ माह पहले जेई तमांग नामक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था, जो मध्यप्रदेश के होशंगाबाद की जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद फरार हो गया और यूरोप में छुप गया। उसे वाइल्ड लाइफ एसटीएफ ने अक्टूबर 2015 में दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

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