Patrika Hindi News

इस डॉक्टर ने कर दिया कमाल, देखें कैसे एक छेद से कर दिया ऑपरेशन

Updated: IST  Minimal Invasive Techniques, Hamidia Hospital, An
डॉ. गोहिया ने बताया कि सामान्त: टखने के जोड़ को पूरी तरह खोला जाता है। लेकिन एंकल आर्थोस्कोपी में छोटा सा छेद कर दूरबीन की मदद सर्जरी की गई।

भोपाल। हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने छोटे से छेद से टखने की गंभीर बीमारी को ठीक कर दिया। ऑपरेशन के लिए न तो कोई चीर-फाड़ करनी पड़ी ना खून बहा। इस तकनीेक को मिनिमल इनवेसिव तकनीक (एंकल आर्थोस्कोपी) कहते हैं। शहर का यह पहला मामला है जब इस तकनीक का उपयोग टखने की बीमारी को ठीक करने के लिए किया गया।

दरअसल 31 साल के अशोक नगर निवासी बहादुर सिंह लंबे समय से बाएं टखने में सूजन व दर्द की तकलीफ से जूझ रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि मरीज को साइनोविटिस थी। जीएमसी के अस्थि रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ आशीष गोहिया ने बताया कि जांच के बाद एंकल आर्थोस्कोपी ऑपरेशन का निर्णय किया।

छोटे से सुराख से हुआ ऑपरेशन
डॉ. गोहिया ने बताया कि सामान्त: टखने के जोड़ को पूरी तरह खोला जाता है। लेकिन एंकल आर्थोस्कोपी में छोटा सा छेद कर दूरबीन की मदद सर्जरी की गई। सर्जरी के कुछ घंटे बाद ही मरीज का दर्द पूरी तरह खत्म हो जाता है।

यह हैं फायदे
0 सामान्य सर्जरी में लंबा चीरा लगाते हैं वहीं इसमें छोटा छेद किया जाता है।
0 ओपन सर्जरी के मुकाबले दर्द और संक्रमण का खतरा बहुत कम
0 यह ऑपरेशन डे केयर में भी किया जा सकता है
0मरीज जल्द स्वस्थ होकर घर चला जाता है
0 ऑपरेशन के कुछ महीने बाद खेलने के काबिल हो जाता है
0 नि:शुल्क होगी सर्जरी
0 बाजार में इस सर्जरी में तकरीबन 50 से 60 हजार रुपए खर्च आता है, इसके साथ ही 0अस्तपाल का बेड या रूम चार्ज और अन्य सुविधाओं का खर्च अलग होता है। जबकि हमीदिया में यह ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क है।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???