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नेकी के लिए शुरू हुआ आनंदम, जो ज्यादा है छोड़ जाओ, कम है तो ले जाओ

Updated: IST ministry of happiness
मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार लोगों को आनंद की अनुभूति कराने जा रही है। इसके लिए शुरू हुए आनंद मंत्रालय शनिवार से औपचारिक रूप से काम करना शुरू कर देगा।

भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मैंने दौलतवालों को ज्यादा दुखी देखा है। धन-दौलत से आनंद नहीं मिलता है। दुनिया के अमीर देशों में कई लोग धन-दौलत वाले हैं। लेकिन, उनके पास से आनंद गायब है। यही कारण है कि जापान में हर साल 30 हजार लोग आत्महत्या कर लेते हैं। वहां से आनंद गायब है।

मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को राजधानी के टीटी नगर स्टेडियम में हैप्पीनेस मंत्रालय के तहत आनंदम की औपचारिक शुरुआत कर रहे थे। चौहान ने कहा कि सभी को मकान मिलेगा, मकान बनाने के लिए जमीन भी सरकार देगी। इसके लिए कानून बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे हैप्पीनेस मंत्रालय के इस आयोजन में हाथ बंटाएं। और, लोगों की मदद के लिए आगे आएं।

क्या है आनंदम
आनंद मंत्रालय ने भोपाल समेत प्रदेश के सभी जिलों में आनंदम की शुरुआत कर दी। इसी मंत्रालय के तहत शुरू किए जा रहे'नेकी की दीवार'को नया नाम 'आनंदम' दिया गया है। इस कार्यक्रम में एक स्थान पर अमीरों की ओर से गरीबों के लिए कुछ सामग्री रखी गई है, जिसका उपयोग गरीब अपनी जरूरत के अनुसार कर सकते हैं।

पत्रिका से लिया आइडिया
यहां उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से निकलने वाला पत्रिका समाचार पत्र में 'नेकी की दीवार' नाम से कार्यक्रम चलाया था। 'जिसके पास ज्यादा है वो दे जाएं और जिसके पास कम हैं वे ले जाएं...।' इस थीम पर कई समाजसेवी आगे आए और उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना की। घर-घर से लोग गैर-जरूरी चीजों को 'नेकी की दीवार' पर पहुंचाने लगे। वहीं जरूरतमंद लोग अपने मतलब की वस्तुएं घर ले जाने लगे। इन स्थानों पर सभी सामान निःशुल्क मिलने लगा। इससे प्रेरित होकर मध्यप्रदेश सरकार ने इस कांसेप्ट पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया और आनंद मंत्रालय में शामिल कर लिया।

संक्रांति से आनंद ही आनंद
मकर संक्रांति के मौके पर प्रदेश की सभी पंचायतों में आनंदोत्सव का आगाज हो गया। 21 जनवरी 2017 तक आनंद उत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें लोकगीत से लेकर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान लोगों को खुश रखने और खुश रहने का मंत्र दिया जाएगा। इसके लिए हर पंचायतों को पांच-पांच हजार रुपए का बजट भी दिया गया है।

उपयोग की वस्तुएं करें दान
आनंदम के तहत भोपाल के कई इलाकों में ऐसे स्थान बनाएजा रहे हैं जहां लोग अपनी गैरजरूरी चीजें छोड़कर आ सकते हैं आनंद मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि इस आनंदम नामक इस कार्यक्रम में संपन्न लोग गरीबों के उपयोग के लिए अपने घरों से कोई भी सामान रखकर जा सकते हैं। इसमें घरेलू उपयोग से लेकर बच्चों की कापी-किताबें, कपड़े, खिलौने आदी हो सकते हैं।

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