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टैक्सी कोटे और ट्रैवल एजेंसी में रजिस्टर्ड गाड़ी ही होगी अटैच 

Updated: IST only taxi and travel agency kota ragisterd vehical
टैक्स चोरी रोकने की कवायद...

भोपाल. प्रदेश के सभी नगर निगम, पुलिस, नगर पालिका परिषद, मेला प्राधिकरण, विकास प्राधिकरण, विद्युत कंपनी, बीएसएनएल समेत शासकीय एवं निजी क्षेत्र के संस्थानों में वहीं गाड़ी अटैच होंगी जो आरटीओ से टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड और ट्रैवल एजेंसी से अटैच हों। परिवहन विभाग के मुताबिक ज्यादातर सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में निजी वाहन के रूप में रजिस्टर्ड वाहन इस्तेमाल होते हैं।

नियमानुसार टैक्सी कोटे में अटैच वाहनों को परमिट व फिटनेस सर्टिफिकेट लेना जरूरी है लेकिन बगैर ट्रैवल एजेंसी के निजी वाहन अटैच होने से राज्य शासन को मोटरयान कर व फीस के रूप में मिलने वाले राजस्व की हानि हो रही है। परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में प्रदेश के सभी आरटीओ को पत्र जारी कर एेसे वाहनों को चिह्नित कर उनसे निर्धारित टैक्स वसूलने को कहा है। परिवहन आयुक्त ने आरटीओ को सभी विभागों से वहां अटैच गाडि़यों की लिस्ट भी देखने को कहा है।

परिवहन आयुक्त ने अपने पत्र में फैक्ट्रियों की बसों पर भी सवाल उठाया है। यहां फैक्ट्रियों में स्वामित्व की व उनसे अनुबंधित बसों के अलावा भी बड़ी संख्या में निजी बसें संचालित होने की की बात कही गई है। जानकारी होना बताया है। यह बसें न तो अनुबंधित होती हैं और ना ही फैक्ट्री के स्वामित्व की होती हैं। आयुक्त ने आरटीओ को निर्देश देते हुए एेसे वाहनों पर मप्र मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के प्रावधानों के तहत मोटरयान कर वसूलने को कहा है।

रेवेन्यू टारगेट पूरा करने का है खेल
दरअसल, यह पूरी कवायद परिवहन विभाग के वर्ष 2016-17 में तय राजस्व लक्ष्य 2500 करोड़ तक पहुंचने की है। जानकारी के मुताबिक परिवहन विभाग इस वित्तीय वर्ष में अब तक 756 करोड़ रुपए राजस्व ही जुटा पाया है। अगले 7 महीनों में उसे 1744 करोड़ का राजस्व जुटाना है।

टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर लेने का नियम
दरअसल, मप्र मोटरयान अधिनियम-1994 के नियम 120 के तहत रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंसियों से ही गाडि़यां अनुबंधित की जा सकती हैं। परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मप्र शासन के वित्त विभाग ने भी 6 अक्टूबर 2012 के आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर लिए जाने हैं।

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