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बिजली के दरें हुई महंगी तो बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम

Updated: IST ????? ????? ?? ?????????? ????????
बिजली कंपनी और पेट्रोलियम कंपनियों के बीच आमजन की जेब का भार बढ़ाने नया फार्मूला सामने आया है।

भोपाल. बिजली कंपनी और पेट्रोलियम कंपनियों के बीच आमजन की जेब का भार बढ़ाने नया फार्मूला सामने आया है। लंबे समय से चले आ रहे इस खेल का खुलासा कमीशन विवाद को लेकर ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के विरोध से हुआ। दरअसल पेट्रोलियम बिक्री के लिए पंप संचालकों का जो कमीशन तय होता है, उसमें बिजली की दरें अहम भूमिका निभाती हैं। इन दरों के साथ न्यूनतम मजदूरी और महंगाई दर को जोड़कर एक जुलाई को पंप संचालकों का कमीशन तय किया जाता है। इसके बाद जो पेट्रोलियम की दरें बढ़ती है, उसमें इसे समायोजित किया जाता है।

ऑयल कंपनियों ने बिजली की दर, न्यूनतम मजदूरी और महंगाई दर काफी कम मानी और इसके आधार पर एक जुलाई को पेट्रोल के कमीशन में 8 पैसे व डीजल में 11 पैसे का इजाफा किया, जबकि एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार बिजली की दरें, महंगाई दर और न्यूनतम मजदूरी बढ़त के अनुसार पेट्रोल का कमीशन 28 पैसे और डीजल का 22 पैसे बढऩा चाहिए। अभी प्रति लीटर पेट्रोल बिक्री पर 2.42 रुपए व डीजल पर 1.28 रुपए कमीशन पंप संचालकों की जेब में जाते हैं। कमीशन तय करने की प्रक्रिया ऑयल कंपनियां जून में पूरी करती हैं।

चार चरणों में विरोध

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल के अनुसार केंद्र को पूरा फार्मूला बताया, रेट दिए, बावजूद इसके बढ़ोतरी कम की। हमने विरोध स्वरूप बुधवार को पंद्रह मिनट ब्लैक आउट किया है। 26 अक्टूबर को फिर पंद्रह मिनट का ब्लैक आउट करेंगे। तीन नवंबर को डिपो से तेल नहीं उठाएंगे और 15 नवंबर को खरीदी और बिक्री दोनों बंद रखेंगे।

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