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इस साल बढ़ गई है प्रदूषण का लेवल, आसान नहीं होंगी सर्दियां

Updated: IST bhopal
प्रदेश में इस बार दिसंबर से फरवरी में वायु प्रदूषण का दबाव अधिक रहेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी मासिक समीक्षा रिपोर्ट में इसका संकेत दिया है।

भोपाल. प्रदेश में इस बार दिसंबर से फरवरी में वायु प्रदूषण का दबाव अधिक रहेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी मासिक समीक्षा रिपोर्ट में इसका संकेत दिया है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार पारा काफी नीचे जा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर अनुपम काश्यपि के मुताबिक इस पर पिछले सालों की तुलना में ज्यादा कोहरा, पाला व सर्दी पडऩा तय है। पर्यावरणविद् डॉ सुभाष सी पांडेय ने बताया कि जब पारा अधिक नीचे चला जाता है तो प्रदूषित वायु ज्यादा ऊपर नहीं जा पाती और प्रदूषण का स्तन बढ़ जाता है।

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एनजीटी के आदेशों पर तत्काल हो अमल

पर्यावरणविदों के मुताबिक वाहन के उत्सर्जन के अलावा खुले में कचरा जलाना व धूल भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारक हैं। ईंधन की गुणवत्ता व वाहनों की पीयूसी जांच की सबसे अधिक जरूरत है। वहीं कचरे के ढेर का बेहतर ढंग से डिस्पोजल किया जाना जरूरी है। वहीं वायु प्रदूषण को लेकर सोमवार को एनजीटी द्वारा दिए गए आदेशों पर जल्द से जल्द अमल करना भी जरूरी है।

इस बार 80 दिन तक रह सकता है प्रदूषण

सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल दिसम्बर से फरवरी में 68 सबसे अधिक प्रदूषित दिन थे। जबकि वर्ष 2014 में 34 सर्वाधिक प्रदूषित दिन थे इस दौरान भी वायु प्रदूषण अपने गंभीर स्तर तक पहुंच गया था। अनुमान है कि इस बार दिसम्बर से फरवरी के बीच करीब 80 दिन सर्वाधिक प्रदूषित रह सकते हैं। एयर एमबिएंट क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से 5 वर्षों में लिए गए आंकड़ों के आधार पर सीपीसीबी ने 22 राज्यों के 94 शहरों को नॉन अटेनमेंट सिटी घोषित किया है। इसमें मप्र से भोपाल, इंदौर, देवास, सागर व उज्जैन शामिल हैं।

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