Patrika Hindi News

अब इस पासवर्ड सिस्टम से सेफ रहेगी आपकी प्रॉपर्टी

Updated: IST property in bhopal,mp,online registry on mp,bpl
इस नई व्यवस्था के लिए संपदा सॉफ्टवेयर को रीडिजाइन किया जा रहा है। नए वित्त वर्ष से राजधानी समेत पूरे प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के तहत लोगों को यह सुविधा मिलेगी। पढ़ें ये फैक्ट...

भोपाल। अब आपकी प्रॉपर्टी की कॉपी करवाना तो दूर कोई फ्रॉड इसे आपकी अनुमति के बिना देख भी नहीं सकेगा। दरअसल प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के बाद अब इसे लॉक करवाया जा सकेगा।

सिर्फ एक क्लिक पर सब-रजिस्ट्रार इसे लॉक कर देंगे। इस नई व्यवस्था के लिए संपदा सॉफ्टवेयर को रीडिजाइन किया जा रहा है। नए वित्त वर्ष से राजधानी समेत पूरे प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के तहत लोगों को यह सुविधा मिलेगी। पढ़ें ये फैक्ट...

* रजिस्ट्री कराते वक्त खरीदार को एक लॉक पिन नंबर (पास वर्ड) दिया जाएगा। यह बिना किसी शुल्क के लॉक कराया जा सकेगा।
* इस व्यवस्था के तहत इसे अनलॉक तभी किया जा सकेगा, जब वह व्यक्ति खुद रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचकर अपनी प्रॉपर्टी बेचने की सहमति देगा।
* ई-रजिस्ट्री के लिए बने संपदा सॉफ्टवेयर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि रजिस्ट्री कराते ही खरीदार के ई-मेल या मोबाइल नंबर पर यह पिन नंबर पहुंच जाएगा।

रिव्यू में महसूस हुई जरूरत

आईजी पंजीयन एवं मुद्रांक शिवशेखर शुक्ला के मुताबिक अगस्त 2015 में ई रजिस्ट्री व्यवस्था शुरू की गई थी। संपदा सॉफ्टवेयर में लॉक करने का ऑप्शन भी दिया गया था, लेकिन इसे लॉक करने की प्रक्रिया को पूरा करने में 15 से 20 मिनट का समय लगता था। कई बार सब-रजिस्ट्रार इस प्रक्रिया के बारे में भीड़ ज्यादा होने के चलते प्रॉपटी के खरीदार को इसकी जानकारी देने से बचते थे। पर हाल ही में रिव्यू किया गया, तो पता चला कि एक साल 5 महीने में 51 जिलों में सिर्फ 60 लोगों ने प्रॉपर्टी लॉक कराई है। इसे देखते हुए दोबारा संपदा सॉफ्टवेयर के मॉड्यूल को रीडिजाइन किया जा रहा है।

* अब रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा करते ही एक ऑप्शन आएगा। जिसमें यह पूछा जाएगा कि आपको रजिस्ट्री लॉक कराना है या नहीं। क्लिक करते ही एक पासवर्ड रजिस्टर्ड मोबाइल पर आ जाएगा।
* नई व्यवस्था के तहत प्रॉपर्टी को अनलॉक कराने के लिए भूमि-स्वामी को प्रॉपर्टी बेचते समय नई रजिस्ट्री की डीड में पासवर्ड का उल्लेख करना होगा।
* इसकी जानकारी सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से सब रजिस्ट्रार के पास जाएगी। इसके बाद दोबारा प्रॉपर्टी को री-सेल किया जा सकेगा। इस तरह यदि कोई फ्रॉड करता है, तो पकड़ा जाएगा।

ये होंगे फायदे

* जिस जमीन की रजिस्ट्री कराएंगे उसकी सिक्युरिटी रहेगी।
* एक ही प्रॉपर्टी की डबल रजिस्ट्री नहीं की जा सकेगी।
* फ्रॉड केस पर लगाम कसी जा सकेगी।
* पंजीयन विभाग को पूरी तरह से कैशलेस किया जा रहा है।
* अभी तक पंजीयन फीस की रकम लोग पंजीयन दफ्तर में सब-रजिस्ट्रार के पास दिया करते थे, लेकिन जल्द ही यह सर्विस प्रोवाइडर के जरिए देना होगी।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ?भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???