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अब खतरे में है दुर्लभ सूर्य प्रतिमा इसी के नाम पर इस शहर का नाम पड़ा था 'भेलसा'

Updated: IST rarest statues in vidisha district museum, bhopal,
विष्णु प्रतिमा टूटने के बाद संग्रहालय की 23 प्रतिमाओं के पैडस्टल हटाए...

ये है 11 बीं शताब्दी की सूर्य प्रतिमा जिसका पेडस्टल पूरी तरह दीमकों के कारण सड़ चूका है, औऱ प्रतिमा कभी भी गिरकर टूट सकती है।

भोपाल/ विदिशा। लापरवाही और उदासीनता के पर्याय बन चुके जिला संग्रहालय में 10वीं शताब्दी की विष्णु प्रतिमा पैडस्टल से गिरकर टूटने के बाद 23 अन्य प्रतिमाओं के पैडस्टल हटाकर प्रतिमाओं को नीचे फर्श पर रख दिया गया है। उधर दुर्लभ ग्यारहवीं शताब्दी के भिल्लस्वामिन(सूर्य) जिनके नाम से विदिशा का नाम भेलसा जाना जाता है, की प्रतिमा अभी भी बहुत खतरनाक स्थिति में रखी है। उसका पैडस्टल बुरी तरह सड़ चुका है, और कभी भी यह अनमोल प्रतिमा भी गिरकर क्षतिग्रस्त हो सकती है। लेकिन जिम्मेदारों को अब तक इसका ध्यान ही नहीं है।

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पेडस्टल हटाकर यूँ फर्श पर संग्रहालय में नीचे रखीं प्रतिमाएं।

जिला पुरातत्व संग्रहालय में शनिवार को पैडस्टल से गिरकर वैष्णव गैलरी की सबसे खूबसूरत प्रतिमा और मास्टरपीस 10वीं शताब्दी की सोलहभुजी गरूढ़ आसीन विष्णु की प्रतिमा टूट चुकी है। अपनी लापरवाही और करतूत छिपाने के लिए संग्रहालय के प्रभारी ने इस प्रतिमा को ताले में बंद करके रखवा दिया ताकि किसी की नजर न पड़े। यहां तक की पुरातत्व संघ के अध्यक्ष और जिला कलेक्टर तक को इसकी खबर नहीं दी गई।

अफसरों की लापरवाही की हद

विष्णु प्रतिमा के टूटने के बाद संग्रहालय की अन्य 23 प्रतिमाओं को भी उनके सड़े हुए पैडस्टल से उतारकर फर्श पर नीचे ही रख दिया गया। एक सूर्य प्रतिमा तो ईंटों पर रख दी गई है। सभी पैडस्टल दीमक के प्रकोप के कारण बुरी तरह सड़ चुके हैं। जिन प्रतिमाओं के पैडस्टल हटाकर प्रतिमाओं को नीचे रखा गया है, उनमें सामान्य प्रतिमा गैलरी की 18 प्रतिमाएं शामिल हैं, जिनमें नागयुगल, दीपधारिणी, गौरी, सूर्य, गणेश, नायिका और नटेश आदि की प्रतिमाएं नीचे रख दी गईं हैं। वैष्णव गैलरी की हरिहर, विष्णु और विष्णु मस्तक सहित चार प्रतिमाएं पैडस्टल से हटाकर फर्श पर रखी गई हैं। इसी गैलरी के विष्णु गिरकर टूटे हैं। इसी तरह कुबेर-रिद्धी की प्रतिमा का पैडस्टल भी बुरी तरह सड़ चुका है। जैन गैलरी से भी एक जैन प्रतिमा हटाई गई है। जबकि 6 जैन प्रतिमाएं अभी भी खतरनाक स्थिति में पैडस्टल पर धंसी हुई रखी हैं।

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ईंट पर रखना पड़ी है सूर्य प्रतिमा।

कभी भी गिरकर टूट सकते हैं भिल्लस्वामिन

भिल्लस्वामिन की दुलज़्भ प्रतिमा न सिर्फ जिला संग्रहालय की शान है, बल्कि यह प्रतिमा विदिशा के प्राचीन नाम भेलसा से भी संबंधित है। भेलसा के स्वामिन के रूप में इस सूर्य प्रतिमा को भिल्लस्वामिन के नाम से जाना जाता है। इसमें सूर्य देव अपनी दोनों पत्नियों, पुत्रों और अनुचरों के साथ विराजमान हैं। इस प्रतिमा का पैडस्टल सबसे खराब हालत में है। नीचे से पूरी तरह वह सड़ चुका है। प्रतिमा बड़ी और भारी है, किसी भी दिन यह सड़ चुका पैडस्टल प्रतिमा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इस प्रतिमा को यदि तत्काल हटाकर सुरक्षित नहीं किया गया, तो यह प्रतिमा भी टुकड़े-टुकड़े हो जाएगी।

दीमक और नमी से बदतर हुआ संग्रहालय

जिला संग्रहालय की तीनों गैलरी बुरी तरह पानी की नमी और दीमक की चपेट में है। लगभग हर प्रतिमा का पैडस्टल दीमकों की भेंट चढ़ चुका है। हर दीवार में भारी नमी और दीमकों का प्रकोप है। पूरा संग्रहालय इन दिनों लापरवाही, भ्रष्टाचार और उदासीनता की भेंट चढ़ा हुआ है।

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अब भी टेंडर का इंतजार

दसवीं शताब्दी की दुर्लभ प्रतिमा के टूट जाने के बाद भी जिला पुरातत्व संघ और पुरातत्व विभाग चौकस नहीं हुआ है। इन प्रतिमाओं को अभी भी सुरक्षित रखने के कोई उपाय शुरू नहीं किए गए हैं। पहले से लगे टेंडर भी 30 जुलाई को खुलना बताए जा रहे हैं, इसमें पैडस्टल, पुताई, बाउंड्रीवाल और लाइट का इंतजाम होना है। यह करीब 10 लाख से होना है, लेकिन यह काम भी कब होगा पता नहीं।

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