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नए साल का तोहफा- सरकार उठाएगी हर स्टूडेंट की हायर एजुकेशन का खर्च

Updated: IST State poor children for free higher education, bho
शिव 'राजÓ के 11 साल पर तोहफा..., नए साल से लागू होगी योजना

भोपाल. प्रदेश में अब पैसे की तंगी की वजह से किसी भी बच्चे की उच्च शिक्षा में रुकावट नहीं आएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के 11 साल पूरे होने पर बच्चों के लिए झोली खोल दी। कहा कि किसी निर्धन विद्यार्थी के पास उच्च शिक्षा के लिए फीस के पैसे नहीं है तो राज्य सरकार फीस देगी। यह व्यवस्था अगले वर्ष 2017 से लागू हो जाएगा। इसके लिए 12 जनवरी को विद्यार्थी पंचायत भी बुलाई है। मुख्यमंत्री मंगलवार को मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि 11 साल के कार्यकाल में प्रदेश के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन पेटलावद जैसी घटनाआें से दु:ख हुआ है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में और काम किए जाने की बात सीएम ने कही। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मेरे अलावा भी सेकंड लाइन है। वे हर चुनाव में पहुंचते हैं, क्योंकि वे पार्टी के बड़े कार्यकर्ता हैं। उससे पूछा गया कि लगातार 11 साल से आप सीएम हैं, विरोधी दरकिनार हुए हैं। तो क्या यह माना जाए कि श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री निवास उनका परमानेंट एड्रेस हो गया है। इसका जबाब उन्होंने हंस कर दिया, बोले यह उनका परमनानेंट एड्रेस न माना जाए। शिवराज ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी को दूर करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्सी जाने का डर कभी नहीं रहा। प्रदेश के नौकरशाह, मंत्री और अफसर सरकारी स्कूलों अपने बच्चों का एडमीशन क्यों नहीं कराते। यदि वे अपने बच्चों का प्रवेश वहां कराएंगे तो सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो जाएगा। सीएम ने इसका जबाब व्यंगात्मक तरीके से दिया। बोले, यदि सभी लोग सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का एडीमशन कराएंगे तो इन स्कूलों का बोझ बढ़ जाएगा।

यह भी बोले शिवराज -
- मध्यप्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही स्वरोजगार मिल जाए, इसकी व्यवस्था की है।
- प्रदेश में सिंचाई का रकबा पिछली सरकार की तुलना में पांच गुना बढ़ा है।
- यह कहना गलत है कि प्रदेश में शिक्षक विहीन स्कूल हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कुछ स्कूल एेसे हैं जहां एक-एक शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है।
- प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बेहतर है। बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों में सरकारी स्कूल के अधिक हैं।
- राज्य में डॉक्टरों की कमी है। कमी को दूर करने के प्रयास हो रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं। अस्पतालों में दवाई उपलब्ध कराई गई हैं।
- राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक है, विकास कार्यों के लिए कर्ज लिए जाते हैं।

बरगद के नीचे चला शिव-संवाद, अपनों के साथ हुई दिल की बात
भोपाल. मुख्यमंत्री जी, मैं अर्जुन नगर में रहती हूं। सरकार द्वारा चलाई गईं योजनाएं अच्छी। बस कुछ में सुधार की जरूरत है। दुकान पर राशन लेने के लिए जाते हैं, तो वहां कई बार अंगूठा नहीं लगता तो राशन लेने में दिक्कत आती है। आचार्य नरेंद्र देव नगर में शिव संवाद के दौरान लोगों ने बेझिझक सीएम के साथ अपने दर्द और खुशियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने शहर के बीच बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों से सीधा संवाद किया। लोगों ने भी सीएम से दिल खोलकर बात की। सीएम ने भी कहा कि लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए क्षेत्र में शिविर लगाया जाएगा। उनके साथ सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे। लोगों ने बारी-बारी से अपनी बात रखी, सीएम से बात करने के लिए लोगों में होड़ सी मची रही। पुष्पा योगी ने बताया कि मेरी बेटी का लालड़ी लक्ष्मी योजना वाला कार्ड तो बना है लेकिन राशन कार्ड अब तक नहीं बन पाया है, इसके लिए मैं कई प्रयास कर चुकी हूं, मैं झुग्गी में रहती हूं और गरीबी रेखा की पात्र हितग्राही हूं, इसके बाद भी मेरा कार्ड नहीं बन पा रहा है। इस प्रकार एक अन्य महिला ने बताया कि उनके घर के पीछे गंदा नाला बहता है, इस संबंध में वे कई बार शिकायत कर चुकी हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मौके पर सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री द्वारा 11 वर्षों में किए गए कार्य और योजनाओं के बारे में लोगों को बतया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में मुख्यमंत्री ने बीमारू राज्य से मध्यप्रदेश को विकसित राज्य की श्रेणी में पहुंचा दिया हैं, और शीघ्र ही वे विकासशील राज्य की श्रेणी में आ जाएगा। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

सीएम बोले, राशन मिलने में नहीं होगी परेशानी, की कई घोषणाएं
चौपाल में समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राशन की दुकानों पर राशन मिलने में परेशानी नहीं होगी, जो दिक्कते आ रही है, उसे दूर किया जाएगा, अगर अंगूठा नहीं लग रहा हैं, फिर भी राशन मिलेगा ताकि जनता को परेशानी न हो। राशन कार्ड बनाने की समस्या सहित स्थानीय समस्याओं के लिए इस क्षेत्र में शिविर लगाया जाएगा, यह शिविर 15 दिनों के भीतर लगाएंगे, शिविर में सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के कल्याण के लिए भी योजना बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हम एेसा कानून बना रहे कि मप्र में जो भी पैदा हुआ है, उन्हें रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। पट्टा देकर एेसे लोगों को भूमि का मालिक बनाएंगे और मकान बनाने के लिए भी आर्थिक सहायत उपलब्ध कराई जाएगी।

आयोजन स्थल पर पहुंची गाय, विधायक बोले गोधुली बेला में गाय का आना शुभ
मुख्यमंत्री के आगमन के कुछ देर बाद अचानक एक गाय लोगों के भीड़ के बीच पहुंच गई, यह देख लोग खड़े होने लगे, लेकिन शीघ्र ही कार्यकर्ताओं ने गाय को बाहर निकाला, इस पर विधायक विश्वास सारंग ने लोगों को बैठने के लिए कहते हुए कहा कि गोधुली बेला में गाय का आना शुभ माना जाता है।

गुब्बारों से सजा आयोजन स्थल, लोगों ने की पुष्पवर्षा
शाम के पहले से ही सीएम के आने को लेकर लोगों में उत्साह था। बरगद के पेड़ के नीचे बिछौना बिछाया था और हनुमान मंदिर के सामने गुब्बारे लगाए गए थे, कई लोग घरों की छतों पर भी खड़े थे, शाम 5:39 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे, लोगों तालियां बजाकर अभिवादन करने लगे, कई लोगों ने घरों की छतों पर खड़े होकर पुष्पवर्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री चौपाल में आ गए और बिना सम्मान और अन्य औपचारिकताओं के संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ।

शिक्षा विभाग के चार कर्मचारियों पर कार्रवाई
वहीं बच्चों की दक्षता बढ़ाने, स्कूल की सुविधाओं में सुधार एवं सीएम के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने पर स्कूल शिक्षा विभाग के चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। वीके टिर्की, जितेंद्र सिंह चौहान को सस्पेंड कर दिया। बीआरसी प्रेम नारायण बरैया को पद से हटा दिया गया। डीपीसी एसएस राठौर को कारण बताओ नोटिस मिला।

आपने अच्छा काम किया, अब आगे क्या..
सचिन तिवारी : आज से 11 साल पहले बेटी की पढ़ाई को लेकर मैं बहुत परेशान था, लोन नहीं मिल रहा था, लेकिन हायर एजुकेशन के लिए शासन की ओर से मुझे 11 लाख रुपए की सहायता मिली और आज मेरी बेटी इंग्लैंड में जॉब कर रही है।
सुरेश वागद्रे : मेरे बेटे के दोनों पैर कट गए थे, जिसके इलाज में मुझे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन शासन की ओर से सहायता मिली और आज मेरा बेटा अपने पैरों पर खड़ा है।
हरविलास शर्मा: मुख्यमंत्री होने के नाते आपने 11 सालांे में ढेर सारे विकास कार्य किए हैं, अब हमें यह भी बताएं कि आने वाले समय में विकास को लेकर आप क्या सोच रहे हैं?

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