Patrika Hindi News

Video Icon छात्र पंचायत में CM शिवराज से बच्चों ने पूछे कुछ ऐसे सवाल

Updated: IST cm shivraj
बच्चों के बीच मामा शिवराज अपने ही अंदाज में नजर आए। इसके बाद मंच पर बैठकर उन्होंने प्रदेश भर से आए स्कूलों और कॉलेजों के बच्चों की बात सुनी।

भोपाल। विवेकानन्द जयन्ती पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित छात्र पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बच्चों के साथ ढ़ेर सारी बातें कीं। सीएम शिवराज सिंह ने छात्र पंचायत में देशभर से आए स्टूडेन्ट्स के बीच जाकर फूलों से उनका स्वागत किया। बच्चों के बीच मामा शिवराज अपने ही अंदाज में नजर आए। इसके बाद मंच पर बैठकर उन्होंने प्रदेश भर से आए स्कूलों और कॉलेजों के बच्चों की बात सुनी। सीएम से सीधे संवाद में प्रदेश के स्टूडेन्ट्स के अनोखे सवाल सामने आए। इनमें कुछ समस्याओं को लेकर थे, तो वहीं कुछ सुझाव भी थे।

छात्र पंचायत में आए स्टूडेन्टस में से कई ने एक ही तरह के सवाल पूछे जिस पर सीएम ने उन्हें टोका भी। बच्चों का कहना था कि सवर्ण और दलितों के बारे पढ़ाया जाता है। इससे इनमें खाई बन रही है। दलितों में सर्वणों के खिलाफ हीन भावना बनती जा रही है। इसलिए इस तरह के सिलेबस में बदलाव होना चाहिए।

भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल की गुंजन सिंह बघेल ने कहा कि किसानों को अन्नदाता माना जाता है। इसलिए उन्हें जीरो प्रतिशत ब्याजदर पर लोन दिया जाता है। हम भी तो देश का भविष्य हैं। लेकिन हमें 11 प्रतिशत ब्याजदर पर लोन मिलता है। यदि यह ब्याज हमसे नहीं लिया जाए तो हमारी पढ़ाई और भी अच्छे तरीके से हो पाएगी। कृपया इसके लिए कुछ करें।

भोपल के ही हमीदिया कॉलेज से आए भगवत सिंह ने कहा कि मैं आपका जूनियर हूं मामा जी। जिस हमीदिया कॉलेज से आप पढ़े हैं सर वहीं मैं पढ़ाई कर रहा हूं। इस कॉलेज का भवन काफी पुराना हो चुका है। इसके लिए गौरवमयी भवन बनवाया जाए।

भोपाल के नूतन कॉलेज की सोनम सिरकावर ने कहा कि आज टेक्निकल एजुकेशन बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन भोपाल में जो भी सरकारी कॉलेज हैं उनमें कंप्यूटर से जुड़े कोर्स में फीस बहुत अधिक ली जाती है। बीए, बीकॉम, बीएससी कर रहे हैं उनसे दो हजार रुपए फीस लेते हैं। हम कम्प्यूटर के साथ यही कोर्स करें तो आठ से दस हजार फीस ली जा रही है। ऐसा क्यों?

राजधानी के एक्सीलेंस कॉलेज की साक्षी दुबे ने कहा कि कॉलेजों से सब उच्च शिक्षा हांसिल कर ले रहे हैं। लेकिर रोजगार की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कैंपस प्लेसमेंट के इंतजाम सरकासी कॉलेजों में नही है। हम कितना भी अच्छा परफार्मेंस कर ले इसका लाभ नहीं मिलता। एससी, एसटी वर्ग के लिए कई स्कीम है। आपसे निवेदन है कि सामान्य वर्ग के विद्यार्थी को भी बढ़ावा दिया।

रायसेन से आई छात्रा मोनिका वर्मा का कहना था कि कई छात्राएं ऐसी हैं जो दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाती। कॉलेज में वाणिज्य और विज्ञान के कोर्स नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूर बीए करना पड़ता है। इसलिए वाणिज्य और विज्ञान संकाय के कोर्स भी शुरू करें।

रामपुरा के पीजी कॉलेज के शुभम गोपाल ने स्पोर्ट्स के लिए मैदान की मांग की। उनका कहना था कि हमारे यहां से कई खिलाड़ी संभागीय स्तर तक जाते है। लेकिन खेल मैदान की कमी है। इसके कारण हम आगे नहीं बढ़ पाते।

सतना से आए स्टूडेन्ट अंकित शर्मा का कहना था कि हमारे कॉलेज में निजी कॉलेजों की तीन महीने से लगातार परीक्षाएं होती रहती है। पढ़ाई के लिए कमरे ही नहीं मिलते। इसलिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि हमारी पढ़ाई भी आसानी से हो सके।

वहीं मंदसौर से कमल माली ने यूनिफार्म लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि गांव से भी विद्यार्थी आते कॉलेज आते हैं। वे अपने आप को छोटा महसूस करते हैं। यदि यूनिफार्म होगी तो ऐसा नहीं होगा। इसलिए यूनिफार्म निश्चित की जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया जताई और पंडाल में बैठे सभी छात्र-छात्राओं से दो बार पूछा कि आप सहमत हैं। अधिकतर ने सहमति जताई इसके बाद उन्होंने यूनिफार्म लागू करने की घोषणा भी कर दी।

भोपाल की शिवानी सिंह ने आप एससी-एसटी वर्ग के छात्रों की बहुत सोचते हैं। जनरल वालों पर भी ध्यान दीजिए सर। 70 प्रतिशत लाने पन अन्य वर्ग के छात्रों पर लैपटॉप मिल रहा है। जनरल वाले स्टूडेंट बैठे रह जाते हैं सर।

एमवीएम कॉलेज के एक छात्र ने सुझाव दिया कि सीएम हेल्प लाइन एक अच्छी व्यवस्था है। लेकिन इस पर शिकायत करते हैं तो कई बार धमकियां भी मिलती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि शिकातकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाए।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें ! - BharatMatrimony
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???