Patrika Hindi News

MP में हर दिन कैंसर से मर रहे 84 लोग, पढ़ें ये 5 चौंकाने वाले FACT

Updated: IST change lifestyle,save your life,bpl,mp
प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहे इस गंभीर रोग ने प्रदेश सरकार की नींद उड़ा दी है। आप भी जानें कैसे इस रोग से मौत के मामले में देश के टॉप 5 स्टेट्स की सूची में शामिल हो गया मध्यप्रदेश..

भोपाल।देश में कैंसर से मौतों के मामले में टॉप 5 में मध्यप्रदेश का नाम शामिल हो गया है। ये आंकड़ा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन 84 मौत के साथ हर दिन 191 नए मरीज कैंसर के सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी कैंसर सहित अन्य रोगों की रोकथाम के लिए जारी की जाने वाली केंद्र से मिली राशि का पूरा इस्तेमाल मध्यप्रदेश सरकार नहीं कर पा रही है। पिछले तीन साल में कैंसर, मधुमेह, दिल संबंधी बीमारियों के लिए 48 करोड़ 37 लाख रुपए केंद्र सरकार ने दिए, लेकिन प्रदेश सरकार इनमें से सिर्फ दस करोड़ 80 लाख रुपए ही खर्च कर पाई है।

पिछले चार साल में तेजी से बढ़ा ये आंकड़ा
मंत्रालय की ओर से जारी यह रिपोर्ट साल 2012 से 2015 तक की है। इसके आकड़े दर्शाते हैं कि पिछले चार साल में मध्यप्रदेश में एक लाख 17 हजार 639 लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई है। वहीं दो लाख 67 हजार 360 कैंसर के नए मरीज सामने आए। यानी प्रदेश में हर साल जितने कैंसर के नए मरीज सामने आ रहे हैं, उसकी तुलना में 50 प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती है।

प्रदेश का नाम टॉप फाइव में
मप्र देश के उन पांच राज्यों में शुमार है, जहां कैंसर से ज्यादा मौत होती हैं। वर्ष 2015 में सबसे ज्यादा 1 लाख 92 हजार 488 मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। दूसरे नंबर पर 1 लाख 4 हजार 361 मौतें महाराष्ट्र में हुईं, तो चौथे नंबर पर रहने वाले बिहार में 1 लाख 1 हजार 820, इसके बाद पश्चिम बंगाल में 86 हजार 628 और मध्यप्रदेश में का नंबर पांचवें नंबर पर है यहां 69 हजार 918 मौतें हुई।

लाइफस्टाइल ने बढ़ाई बीमारी
एक्सपट्र्स कहते हैं कि प्रदेश में लाइफस्टाइल के चलते कंैसर होने के मामले ज्यादा हैं। पुरुषों में जहां तंबाकू मुंह और लंग्स के कैंसर की सबसे बड़ी वजह है, तो महिलाओं में इंफेक्शन के चलते सरवाइकल कंैसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आ रहे है। जागरुकता से कंैसर के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है। जितना ज्यादा इसे लेकर लोगों को एजुकेट किया जाएगा उतना फायदा होगा। वहीं कुल मरीजों में से आधों की मौत होने की वजह लोग उस स्थिति में डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जहां कैंसर लास्ट स्टेज तक पहुंच चुका होता है।

मप्र में पिछले चार साल में हुई मौतें और नए केसेज
वर्ष मरीज मौत
2012 63814 28078
2013 65797 28951
2014 67831 29846
2015 69918 30764

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???