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यदि महिला बैंक में है आपका खाता तो यह खबर जरूर पढ़ें...

Updated: IST mahila bank
भोपाल के महिला बैंक का विलय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कर दिया गया है, जिसके बाद खाताधारकों के खातानम्बर बदल दिए जाएंगे।

भोपाल। महिलओं की सुविधा और उन्हें बैंकिंग कार्रवाई में शामिल करने के उद्देश्य से शुरू हुए भारतीय महिला बैंक अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय होने जा रहे हैं। प्रदेश की राजधानी में एक साल पहले खुले महिला बैंक को महज 6 हजार खाताधारक ही मिल सके। जिसके बाद बैंक को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय किया जा रहा है। हालांकि खाताधारकों की सुविधाएं ज्यों की त्यों रहेंगी लेकिन उनके खाता नम्बर बदल दिए जाएंगे।

13 जनवरी 2015 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार महिला बैंक की स्थापना की गई थी। यहां कर्मचारियों से लेकर खाताधारक तक सभी महिलाएं ही थीं। बैंक का उद्देश्य महिलाओं की बैंक सेक्टर में भागीदारी बढ़ाना और महिला खाताधारकों की संख्या में इजाफा करना था। लेकिन हाल ही में आए नए नियम के बाद सरकारी पद्धिति से महिला बैंकों का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय किया जा रहा है। इस संबंध में महिला बैंक प्रबंधक ने एसएमएस द्वारा 6 हजार खाताधारकों को सूचना प्रेषित की है।

सॉफ्टवेयर बदला जाएगा
जानकारी के अनुसार खाता नम्बर के साथ ही बैंक का सॉफ्टवेयर भी बदला जा रहा है। हालांकि इससे महिला खाता धारकों को मिलने वाले लाभ में कोई नुकसान नहीं होगा। सॉफ्टवेयर बदलने के पीछे भी मंशा सरकारी काम काज में गति लाना है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 19 नवम्बर 2013 को पहली बार मुबंई में महिला बैंक स्थापित किया था। इसके बाद देश भर में बैंक की शाखाएं खोली गईं। हालांकि महिलाओं ने इसमें खास रूचि नहीं ली और सालभर में प्रति बैंक में अधिकतम 6 से 8 हजार खाते ही खोले गए। मप्र में भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में भी एक-एक शाखा स्थापित की गई है।

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