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पद संभालते ही बोले चीफ जस्टिस, न्यायिक प्रक्रिया सामूहिक प्रयास से ही होगी बेहतर

Updated: IST Chhattisgarh High Court
हाईकोर्ट में नवनियुक्त चीफ जस्टिस थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन ने कहा, न्यायिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांत में अंतर्निहित है कि सभी को समय पर गुणात्मक न्याय मिले।

बिलासपुर. हाईकोर्ट में सोमवार को आयोजित ओवेशन में नवनियुक्त चीफ जस्टिस थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन ने कहा, न्यायिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांत में अंतर्निहित है कि सभी को समय पर गुणात्मक न्याय मिले। सही मायने में न्यायिक प्रणाली की सबसे बड़ी जीत यही होगी। स्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हो, यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोई भी न्याय से वंचित न रह पाए। इसका एक ही मूल मंत्र है कि सामूहिक प्रयास किए जाएं।

उन्होंने कहा, एक बात अवश्य है कि निर्णय में विलंब हमेशा ही चर्चा का विषय रहा है। लेकिन, इसके लिए न्याय की गुणवत्ता का त्याग नहीं किया जा सकता। हमें न्यायिक कार्यकलापों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रयासों को ओर बेहतर करना होगा। बार और बेंच इसके लिए मिलकर काम करें, ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये तब तक ठीक तरह से काम नहीं कर सकते, जब तक एक दूसरे में अपना चेहरा न देखें। सीनियर जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने सीजे राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में गुणवत्ता पूर्ण न्याय प्रदान करने में हम सफल होंगे।

इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति टी. भास्करन नायर राधाकृष्णन शनिवार दोपहर में राजभवन के दरबार हाल में पद और गोपनीयता की शपथ ली। न्यायमूर्ति राधाकृष्णन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 11वें मुख्य न्यायधीश बन गए हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की जगह ली। न्यायमूर्ति गुप्ता का स्थानांतरण फरवरी में ही सुप्रीम कोर्ट के लिए हो गया था। तब से न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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