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भोले बाबा को मनाने भक्तों ने रखा सोमवार को व्रत, ऊं  नम: शिवाय से गूंज उठे शिवालय

Updated: IST sawan somwar
सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में जल अर्पित करने पहुंचा भक्तों का रेला...

बिलासपुर. सावन के दूसरे सोमवार को शहर के शिवालयों में शिव भक्तों का रेला महादेव को मनाने के लिए व्रत व पूजन किया। सुबह से ही हाथों में जल से भरा कलश, श्रीफल, बेलपत्र, आंक फूल, धतूरा, कनेर सहित शिव पूजन की सामग्री लेकर शिवालय पहुंचे। ऊं नम: शिवाय मंत्रों का जाप करते हुए महादेव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक व पुष्पों से शृंगार करते हुए मनौती पूर्ण करने का आशीर्वाद मांगा।

सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों सुबह से ही पूजन व अभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। अष्टमुखी शिव मंदिर, नंदीश्वर महादेव, सदा शिव मंदिर, सार्वजनिक शिव मंदिर सहित शहर के सभी शिवालयों में शिव भक्त पूजन के लिए पहुंचे। सुबह से लेकर रात तक महादेव के दर्शन व पूजन करते भक्त नजर आए। अष्टमुखी महादेव को 1008 कमल फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित फूलचंद पांडे ने बताया कि मंदिर में मंदिर समिति के अध्यक्ष कमलकांत तिवारी के द्वारा अभिषेक व महाआरती का कार्यक्रम किया गया। दूसरे सोमवार को लक्ष्मी प्राप्ति के योग पर विशेष पूजन किया गया। भगवान से आशीर्वाद लेने देर रात भक्तों की भीड़ रही।

पातालेश्वर महादेव का हुआ अभिषेक

मल्हार स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर में सावन माह के दूसरे सोमवार को वैदिक विधियों से पूजन करते हुए अभिषेक किया गया। पंच द्रव्यों दूध, दही, शहद, घी व जल से महादेव का अभिषेक किया गया। मंदिर में सुबह चार बजे से पातालेश्वर महादेव का सूक्ष्म रुद्राभिषेक किया गया। इसके बाद भक्त महादेव को जल अर्पित करने के लिए पहुंचे। एेतिहासिक मंदिर में पूजन के लिए सिर्फ गांव से नहीं बल्कि शहर व आसपास के क्षेत्रों से भी पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। पातालेश्वर महादेव मनोरथ पूर्ण करने वाले माने गए है। इसलिए बच्चे-बड़े सभी महादेव को जल अर्पित कर आशीर्वाद मांगने पहुंचे।

नंगे पांव ही मंदिर पहुंचे भक्त

महादेव की पूजा करने के लिए शिव भक्त नंगे पांव पूजा की थाल लेकर पहुंचे। खासतौर पर कुंवारी कन्याएं व नवविवाहिताएं महादेव के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि व मनोरथ पूर्ण करने का आशीर्वाद मांगते रहे। मंदिर के बाहर से महादेव के लिए पसंदीदा पुष्प व बेल पत्र लेकर महादेव का शृंगार किया। सावन का महीना खास होने के कारण भक्तशिवभक्तअपने-अपने तरीके से पूजा अर्चना कर बाबा को प्रसन्न करने में जुटे हैं। महिलाओं की मंदिरों में भीड़ अधिक रहती है।

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