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बंद महर्षि यूनिवर्सिटी ने नहीं दी परीक्षार्थियों की जानकारी, शासन के आदेश से बीयू संकट में 

Updated: IST Bilaspur University
दो साल बाद राज्य शासन ने इस बंद यूनिवर्सिटी के भी परीक्षार्थियों की मुख्य परीक्षा लेने के लिए बीयू प्रशासन को निर्देश दिया है।

बिलासपुर. दो साल से बंद महर्षि यूनिवर्सिटी ने बीयू के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। शासन के निर्देश के बाद भी बंद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बीयू प्रशासन को चाही गई बिंदुओं पर आज तक कोई जानकारी नहीं दी। स्थिति स्पष्ट न होने के कारण मुख्य परीक्षा को लेकर बीयू प्रशासन के समक्ष संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। दो साल पूर्व सन् 2014 में मान्यता न मिलने के कारण महर्षि यूनिवर्सिटी बंद हो गई। दो साल बाद राज्य शासन ने इस बंद यूनिवर्सिटी के भी परीक्षार्थियों की मुख्य परीक्षा लेने के लिए बीयू प्रशासन को निर्देश दिया है। इस आशय का निर्देश मिलने के बाद बिलासपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने महर्षि यूनिवर्सिटी प्रशासन के कुलपति और कुलसचिव के साथ बैठक कर जानकारी मांग की कि किन कारणों से उनके संस्थान की मान्यता समाप्त की गई है।

उनके यूनिवर्सिटी से कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं और कितने प्रवेशित हैं, इनमें से कितने नियमित और कितने प्राइवेट परीक्षार्थी हैं। दो साल हो गए वे वर्तमान में क्या कर रहे हैं इनमें से कुछ ने दूसरे यूनिवर्सिटी से परीक्षा तो नहीं दी है। इन विद्यार्थियों से कितनी-कितनी फीस ली गई है। बंद यूनिवर्सिटी के कुलसचिव ने सन् 2014 में करीब 240 विद्यार्थी होने की मौखिक जानकारी तो दी बाकी बिंदुओं की जानकारी तैयार कर भेजने उन्होंने आश्वासन दिया था परंतु ये जानकारी आज तक बीयू प्रशासन को नहीं दी गई।

ये आ रही दिक्कत

यूनिवर्सिटी पहले ही मुख्य परीक्षा में सवा दो लाख परीक्षार्थियों के शामिल होने के अनुमान से चिंतित है कि आखिर परीक्षा में परीक्षार्थियों के लिए बैठक व्यवस्था कैसे बनाई जाए। ऊपर से बंद हो चुके महर्षि यूनिवर्सिटी के परीक्षार्थियों की परीक्षा भी लेने शासन ने निर्देश दिया है जिनकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। अंधेरे की स्थिति के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए बैठक व्यवस्था बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इस बार स्कूलों की परीक्षा को ध्यान में रखकर परीक्षा कार्यक्रम तय किया जा रहा है ताकि वहां की परीक्षा के बाद बड़ी परीक्षा जैसे बीए, बीकॉम और अन्य संकायों की परीक्षा कराई जा सके।

एेसे हो रही मानिटरिंग

निजी यूनिवर्सिटियों के मानिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, महर्षि यूनिवर्सिटी ने अपने संस्थान द्वारा बीए, बीकॉम, बीएससी, पीजीडीसीए और डीसीए का संचालन करने की मौखिक जानकारी दी थी। इसके बावजूद मान्यता का संकट खड़ा हुआ जिसके कारण यूनिवर्सिटी को बंद करना पड़ा।

दो लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल

बिलासपुर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा में 93 हजार नियमित परीक्षार्थी शामिल होंगे। बीयू की परीक्षा में हर साल नियमित परीक्षार्थियों से 30 फीसदी अधिक छात्र शामिल होते हैं जिससे एक अनुमान के मुताबिक परीक्षार्थियों की संख्या सवा दो लाख के करीब होने की उम्मीद है। पिछले शिक्षण सत्र 2015-16 की मुख्य परीक्षा में 73 हजार नियमित और 92 हजार प्राइवेट समेत कुल 1 लाख 65 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिसके कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में बिठाने की समस्या खड़ी हो गई थी, कई कॉलेजों से परीक्षार्थियों को सटा-सटाकर बिठाने के कारण सामूहिक नकल की संभावना भी फ्लाइंग स्काँट ने निरीक्षण के बाद जाहिर की थी।

महर्षि यूनिवर्सिटी बंद होने के 2 साल बाद शासन ने इस यूनिवर्सिटी के परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा भी बीयू प्रशासन को सौंपा है। महर्षि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मौखिक तौर पर 240 परीक्षार्थी होने की

जानकारी तो दी है लेकिन जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी वह आज तक नहीं दी गई। स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से दिक्कत तो है लेकिन हम अपनी तैयारी कर रहे हैं स्कूलों के परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखकर बड़ी परीक्षाएं स्कूल की परीक्षा के बाद आयोजित कराने कार्यक्रम तय किया जाएगा।

डॉ इंदू अनंत, कुलसचिव, बीयू

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