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मां-पापा मुझे माफ करना मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, और लगा लिया मौत को गले

Updated: IST girls sucide
सरकंडा नूतन चौक में 20 वर्षीय एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका सेंट्रल यूूनिवर्सिटी कोनी में बीजेएमसी कर रही थी

बिलासपुर. मां-पापा मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। मैंने परिस्थितियों से लडऩे की बहुत कोशिश की, लेकिन लड़ नहीं सकी। मैंने कभी नहीं सोचा था, कि मौत मुझे ऐसे ले जाएगी। मुझे माफ कर देना। यह मार्मिक पत्र बीजेएमसी की एक छात्रा ने सुसाइड से पहले अपने माता-पिता के नाम लिखा। इसके बाद वह दुनिया से चली गई।

सरकंडा नूतन चौक में 20 वर्षीय एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका सेंट्रल यूूनिवर्सिटी कोनी में बीजेएमसी कर रही थी। मामला स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन बताया जा रहा है कि क्लास में उसकी अटेंडेंस शार्ट थी। इस वजह से वह चिंतित थी। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रज्ञा जायसवाल काबरा चौक मनेंद्रगढ़ की रहने वाली थी। उसके पिता पिता जितेंद्र जायसवाल ठेकेदारी करते हैं। प्रज्ञा की इच्छा जर्नलिस्ट बनने की थी। इसलिए उसने पढ़ाई के लिए यहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। उसके फूफा राजेंद्र जायसवाल यहां सरकंडा में रहते हैं। लेकिन पढ़ाई में कोई बाधा न हो, इसलिए वह नूतन चौक में बंटी पाटनवार के यहां अलग से किराए का रूम लेकर रहती थी। पड़ोस में तीन-चार अन्य कॉलेज में की छात्राएं भी रहती थीं।

अटेंडेंस शार्ट होना बना रहस्य

चार महीने पहले यहां आई प्रज्ञा रोज यूनिवर्सिटी जाती थी, लेकिन उसकी अटेंडेंस शार्ट थी। ऐसा क्यों हुआ यह रहस्य बना हुआ है।

सीयू प्रबंधन अनजान

इस बारे में जब जीजीयू के पीआरओ सत्येस भट्ट का कहना है कि उन्हें न तो प्रज्ञा जायसवाल की आत्महत्या के बारे में पता है और न उसकी शार्ट अटेंडेंस के बारे में। नोटिस या चेतावनी के बारे में जानकारी लेकर ही बता सकते हैं।

ये लिखा सुसाइड नोट में

प्रज्ञा ने सुसाइड से पहले अपने माता-पिता व छोटे भाई अतिन (15) के नाम पत्र लिखा। उसने लिखा है, कि ''मां -पापा मुझे माफ कर देना। मैं शायद इस लायक भी नहीं हूं कि आप लोगों से माफी मांगू, पर मैंने यह कदम बहुत ही तनाव में उठाया है। मैं बहुत सी चीजों से परेशान चल रही थी। मेरी हिम्मत अब जवाब दे चुकी थी। मैंने बहुत कोशिश की हालात से लडऩे की, लेकिन नहीं लड़ पाई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मौत ऐसे ले जाएगी मुझे। पापा मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, पर अब जीने की हिम्मत नहीं है मुझमें।

मैं भगवान से बस यही प्रार्थना करूंगी कि अगले जन्म भी आपकी ही बेटी बनूं। आप लोगों ने मुझे बहुत अच्छी जिंदगी दी पर परिस्थिति से मैं लड़ नहीं पाई। मेरे लिए आप लोग प्लीज मत रोना, मैं आप लोगों से बहुत प्यार करती हूं। अतिन भाई तू प्लीज मां-पापा का ख्याल रखना। मेरे बाद मां का खास ख्याल रखना। माता रानी सबकी रक्षा करें। मुझे माफ कर देना.... प्रज्ञा।

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