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अपहरण के मामले में कांग्रेसी नेता त्रिलोक की अग्रिम जमानत खारिज

Updated: IST court logo
अधिकारियों के निर्देश पर जब पुलिस त्रिलोक की गिरफ्तारी को लेकर सक्रिय हुई तो उसने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

बिलासपुर. अदालत ने अपरहण मामले के आरोपी कांग्रेसी नेता त्रिलोक श्रीवास की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। घटना जनवरी 2015 की है। पंचायत चुनाव के दौरान विरोधी उम्मीदवार कालू सोनी का अपहरण कर लिया गया था। उससे मारपीट व धमकी दी गई थी। इस पर कोनी पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गीता नेवारे की अदालत में सुनवाई हुई। साल 2010 से 2014 तक कोनी ग्राम पंचायत का सरपंच रहे त्रिलोक ने पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी स्मृति श्रीवास को जनपद सदस्य व छोटे भाई की पत्नी योगिता श्रीवास को जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया था।

इस चुनाव में विरोधी उम्मीदवार के रूप में कालू सोनी पिता स्व. छेदीलाल सोनी मैदान में था। इस पर त्रिलोक श्रीवास, आनंद श्रीवास, अभिषेक तिवारी, फूलचंद सारथी व आशु उर्फ भगत ने उसे चुनाव प्रचार करने से मना किया। वह नहीं माना तो आरोपियों ने 14 जनवरी 2015 की रात उसका अपहरण कर लिया। उसे घर में बंधक बनाकर कार्यालय बंद करने के लिए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। वहां से छूटने के बाद कालू ने घटना की शिकायत कोनी थाने में की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 323, 506, 365, 171 (च) और 147 के तहत अपराध पंजीबद्घ किया। इसके बाद आरोपी एक साल तक खुलेआम घूमता रहा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी तक नहीं की, चालान भी पेश नहीं किया। अधिकारियों के निर्देश पर जब पुलिस त्रिलोक की गिरफ्तारी को लेकर सक्रिय हुई तो उसने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

चालन की जगह पेश की थी खात्मा रिपोर्ट

कोनी पुलिस कांग्रेसी नेता के दबाव में उसे गिरफ्तार तो कर ही नहीं पाई, उल्टा मामले में चालान पेश करने की जगह उसने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी संजय अग्रवाल की अदालत में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दिया था। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि मामला पंचायत चुनाव से संबंधित है। जांच में अपराध साबित नहीं हुआ। प्रार्थी कालू सोनी ने न्यायालय में पुलिस के खात्मा रिपोर्ट का विरोध किया। न्यायालय ने प्रार्थी की अपील पर सुनाई में पाया कि सालभर तक आरोपियों को फरार बताने के बाद पुलिस ने खात्मा रिपोर्ट पेश किया है। इस पर अदालत ने खात्मा रिपोर्ट को खारिज करते हुए कोनी पुलिस को फटकार लगाई थी। साथ ही जल्द से जल्द जांच प्रतिवेदन पेश करने का आदेश दिया था।

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