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पंद्रह दिन में फ्लाई ऐश का करो निपटान, नहीं तो भुगतो परिणाम

Updated: IST ntpc
प्रमुख रूप से 15 दिनों के अंदर फ्लाईएश यूटिलाईजेशन नोटिफिकेशन 2009 के अनुसार फ्लाईएश के डस्पोजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

बिलासपुर. कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार के पर्यावरण विभाग ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए एनटीपीसी को कड़ी चेतावनी दी है। शुक्रवार को मंडल ने एनटीपीसी सीपत को फ्लाईएश मामले के निष्पादन न करने का दोषी पाते हुए इकाई को बंद करने तक की चेतावनी दे दी है। एनटीपीसी को 15 दिनों में एक्शन लेने के लिए कहा गया है। शुक्रवार को आवास एवं पर्यावरण विभाग के सदस्य सचिव संजय शुक्ला ने एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों के साथ बैठक की।

प्रमुख रूप से 15 दिनों के अंदर फ्लाईएश यूटिलाईजेशन नोटिफिकेशन 2009 के अनुसार फ्लाईएश के डस्पोजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर अन्बलगन पी. और पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव की उपस्थिति में शुक्ला ने बैठक में प्रमुख रुप से एनटीपीसी सीपत में निकलने वाले फ्लाईएश का उपयोग नियमानुसार नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। ज्ञात हो कि एनटीपीसी से प्रतिदिन 14 हजार मीट्रिक टन फ्लाईएश निकलती है, एवं महज 22 प्रतिशत का ही उपयोग किया जाता है। शुक्ला ने कहा कि 15 दिनों के अंदर राख के उपयोग का प्रतिशत बढऩा चाहिए। कोर्ट के निर्देशानुसार सड़क निर्माण में इसका उपयोग बडे पैमाने पर होना चाहिए। सीमेंट फैक्ट्री और ब्रिक्स बनाने से शत-प्रतिशत निष्पादन नहीं हो सकता।

ग्रीन ़िट्रब्यूनल ने क्या कहा: ग्रीन ट्रिब्यूनल ने निर्माणाधीन रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सड़कों, पुलों तथा जो भी शासकीय निर्माण कार्य हो रहे हैं, वहां फ्लाईऐश का उपयोग अनिवार्य किया है। फ्लाईऐश की आपूर्ति के लिए एनटीपीसी सीपत को निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नेशनल हाईवे निर्माण में 100 किलोमीटर तक फ्लाईऐश परिवहन एनटीपीसी द्वारा अपने व्यय पर किया जाएगा। 300 किलोमीटर तक परिवहन कास्ट का 50 प्रतिशत संबंधित निर्माण एजेंसी एवं एनटीपीसी द्वारा संयुक्त रूप से वहन किया जाएगा। आदेश पर अभी तक अमल नहीं किया गया। मिट्टी-मुरुम का उपयोग जारी है।

ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ यहां करें शिकायत

ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अब टोल फ्री नंबर पर शिकायत की जा सकेगी। जिले में पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर और मोबाइल नंबर 94791-93099 पर ध्वनि प्रदूषण के संबंध में कोई भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अस्पताल, न्यायालय, स्कूल आदि संस्थानों से 100 मीटर की दूरी तक वाहनों के हार्न, डीजे, पटाखे के उपयोग की सूचना इस नंबर पर दें। शादी, जन्म दिन तथा अन्य सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रम में अगर ध्वनि यंत्रों से 10 डेसीबल से अधिक शोर हो रहा हो, तो तत्काल फोन करें। सार्वजनिक वाहन बस, ट्रक, टेम्पो में प्रेशर हार्न लगाने पर फिटनेस सार्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। 15 से 30 जनवरी तक जिला पुलिस प्रशासन की टीम शहर में निर्धारित डेसीबल से अधिक क्षमता वाले ध्वनि यंत्र, डीजे पकडऩे की कार्रवाई करेंगे।

बैठक के बाद आपूॢत में तेजी पर बनी सहमति

बैठक के बाद सहमति हुई कि निर्माणाधीन रायपुर और बिलासपुर मार्ग पर 15 फरवरी तक 70 हजार मीट्रिक टन फ्लाईएश की आपूर्ति एनटीपीसी द्वारा की जाएगी। फ्लाईएश के परिवहन पर एनटीपीसी द्वारा जारी प्रक्रिया पर शुक्ला ने नाराजगी जताई। कलेक्टर अन्बलगन पी. ने निर्माणाधीन सड़कों पर जल्द से जल्द फ्लाईएश की आपूर्ति करने का निर्देश दिया। उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल के निर्णय एवं शासन के निर्देश के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश प्रबंधन को दिए।

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