Patrika Hindi News

> > > > bilaspur: gourang bobde case hearing in haigh court bilaspur

गौरांग के वकील बोले-पहले मारा, फिर गिराया, जमानत पर आदेश सुरक्षित

Updated: IST Gaurang Bobde Postmartam Report Submit to Police
आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए पीडि़त पक्ष (गौरांग) के अधिवक्ता अरविंद सिंह व मनीष शर्मा ने कहा कि गौरांग कोई पेड़ से नहीं गिरा था

बिलासपुर. गौरांग बोवड़े की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को हाईकोर्ट में जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज लैपटाप पर देखे। इस दौरान आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए पीडि़त पक्ष (गौरांग) के अधिवक्ता अरविंद सिंह व मनीष शर्मा ने कहा कि गौरांग कोई पेड़ से नहीं गिरा था। जिसके कारण उसकी मौत हुई। उसे शापिंग माल में सीढिय़ो से गिराने से पहले मारा गया था व बाद में धकेला गया है।

अधिवक्ता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट इस बात की ओर साफ इशारा करती है कि मृतक के साथ मारपीट की गई थी और गिरने के पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। अभियोजन, बचाव पक्ष व आपत्तिकर्ता की बहस सुनने के बाद जस्ेिटस गौतम भादुड़ी ने आरोपियों की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित कर दिया। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की सीडी मांगी थी जिसके आधार पर पुलिस ने केस तैयार किया था। आज कोर्ट को सीसीटीवी फुटेज की सीडी सौंपी गई। जिसे देखने के बाद आरोपियों की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा गया हैं। जस्टिस गौतम भादुड़ी ने पुलिस द्वारा सौंपी गई सीसीटीवी की फुटेज देखा तथा बहस लगभग डेढ़ घंटे तक चली।

पीडि़त पक्ष ने कहा- मारने के बाद नीचे फेंका

पीडि़त पक्ष के वकीलों ने पीएम रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि गौरांग के हाथ की हड्डी तीन जगह फ्रैक्चर थी। बायीं आंख पर चोट के निशान थे। जिसके कारण आंख काली पड़ गई थी। मृतक का माथा (फोर हेड) व खोपड़ी का पिछला हिस्सा फ्रैक्चर था। पूरी खोपड़ी रक्त से सनी थी। लीवर बुरी तरह से डैमेज था, व गर्दन का पिछला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त था। ये तमाम चोटें इस बात की ओर इशारा करती है किउसे किसी ब्लंट आब्जेक्ट से मारा गया है जो मुक्का, किक या किसी अन्य भोथरे वस्तु से मारा गया है।

आरोपियों के वकील ने कहा- नशे में गिरा गौरांग

आरोपी के अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह व मनीष दत्त ने आरोपियों के जमानत की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि 21 जुलाई की देर रात सभी दोस्त पार्टी करने के लिए इकट्ठे हुए थे। पार्टी सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी व उक्त घटना का होना महज एक हादसा है। चूंकि सभी ने अत्यधिक शराब पी रखी थी व नशे की हालत में सीढिय़ों से लडख़ड़ाने के कारण गौरांग गिर पड़ा था जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

लिफ्टमैन के बयान का उल्लेख

पीडि़त पक्ष के वकील अधिवक्ता अरविंद सिंह ने लिफ्टमैन पुष्पेंद्र सिंह के बयान की ओर भी कोर्ट का ध्यान आकृष्ट कराया कि उसने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि अंकित मल्होत्रा गौरांग को सीढिय़ों से घसीटते हुए ले गया तथा मैग्रेटो माल के प्रथम तल के दरवाजे के सामने सीढिय़ों की रेलिंग से उसको गिराया गया है। इस दौरान सभी दोस्त किंशुक अग्रवाल, करण खुशलानी व करण जायसवाल मूकदर्शक बने रहे तथा किसी ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। उसे अस्पताल ले जाने के बजाए सभी घटनास्थल से भाग गए।

जमीन मामले में श्रीरंग बोबड़े की अग्रिम जमानत पर सुनवाई बढ़ी

शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी रामअवतार अग्रवाल ने थाने में शिकायत की थी कि श्रीरंग व जवाहर सराफ ने मिलकर उन्हें जाली दस्तावेज तैयार कर वक्फबोर्ड की जमीन बेच दी है। इस मामले में आरोपी होने से श्रीरंग बोबड़े ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई को सोमवार तक के लिए बढ़ा दी है। जिला एवं सत्र न्यायालय में गौरांग के पिता श्रीरंग बोबेड़े द्वारा अग्रिम जमानत के लिए यायिका लगाई गई है। श्रीरंग बोबड़े के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस धारा 420 का मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे