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नीम-हकीमों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, अब तक 100 सील

Updated: IST raid
कार्रवाई नहीं होने पर द्विवेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कोर्ट से मामले में अविलंब रोक लगाने की मांग की

बिलासपुर. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नींद से जागे जिला प्रशासन ने नीम-हकीम खतरा ए जान बने 800 अवैध चिकित्सा संस्थान, पैथोलेब एवं झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 100 अवैध संस्थान सील किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई दिन-रात जारी है। ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले में संचालित अवैध झोला छाप डॉक्टरों एवं पैथोलेब संचालकों में हड़कंप मचा है। कई संचालक तो संस्थान में ताला जड़ फरार हो गए हैं। शुक्रवार को विभागीय कार्रवाई में 15 अवैध संस्थानों को सील किया गया है।

जिले के सभी सात ब्लाक के बीएमओ को निर्देशित किया गया है कि 22 मार्च तक समस्त अवैध संस्थान सील किए जाएं। जिले में अवैध ढंग से संचालित पैथोलेब एवं क्लीनिक की जानकारी के लिए हाईकोर्ट ने कलेक्टर को तलब किया था। सटीक जानकारी नहीं देने पर कोर्ट ने कलेक्टर को आड़े हाथों लेते हुए निर्देििशत किया था कि लोगों की स्वास्थ्य एवं जान से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बहुत हुआ नोटिस-नोटिस, अब कार्रवाई करो : हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद कलेक्टर ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की आपात बैठक ली तथा सीएमएचओ को निर्देशित किया गया कि जिले में संचालित सभी अवैध संस्थानों को अविलंब सील किया जाए। नोटिस-नोटिस का खेल बहुत हुआ, अब सीलिंग की कार्रवाई करो। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में गुरुवार को देर रात तक 8 संस्थानों में ताला जड़ दिया। शुक्रवार को भी 11 संस्थानों को सील किया गया। कार्रवाई देर रात जारी रही, कुछ और संस्थान भी बंद किए गए हैं। वहीं हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर होने के बाद सीलिंग की कार्रवाई जिले के दूरस्थ अंचल मरवाही, गौरेला एवं पेंड्रा ब्लाक में भी की गई।

इसपर आपत्ति जताते हुए कोर्ट ने जिले में संचालित सभी अवैध संस्थानों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को आदेशित किया। सिवनी के मधुकर द्विवेदी ने जिले के ग्रामीण अचलों में झोला छाप डॉक्टरों एवं अवैध ढंग से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शासन से मामले की शिकायत की गई थी। जिले के सभी बीएमओ को पत्र लिखकर कहा गया था कि मामले की अविलंब रोकथाम की जाए, अप्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे इलाज से निरीह ग्रमीणों की जान जा रही है। कार्रवाई नहीं होने पर द्विवेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कोर्ट से मामले में अविलंब रोक लगाने की मांग की ।

23 से पहले ऐसे सभी संस्थान को बंद करें : गुरुवार को कोर्ट ने कहा था कि शहर के हर गली-मोहल्ले में सैकड़ों की तादाद में संचालित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई आखिर कब होगी। कोर्ट के आदेश को जिले के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए। 23 मार्च के पहले सभी अवैध संस्थान बंद किए जाएं तथा स्वास्थ्य सचिव इसकी जानकारी शपथपत्र में दें।

15 संस्थानों को किया गया सील : हाईकोर्ट के निर्देश पर जिले में संचालित सभी 8 सौ अवैध पैथोलब एवं चिकित्सकीय संस्थान सील किए जाएंगे। शुक्रवार को बिलासपुर के तिफरा, तालापार एवं सिरगिट्टी क्षेत्र के 15 संस्थानों को सील किया गया है। अब तक 104 संस्थान सील किए जा चुके हैं। जिले के सभी 7 बीएमओ को निर्देशित किया गया है कि 22 मार्च तक सभी अवैध संस्थान किसी भी हाल में बंद किए जाएं।

-भारतभूषण बोर्डे, सीएमएचओ

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