Patrika Hindi News

ऑनलाइन भरवाए जाएंगे अब परीक्षा फॉर्म परीक्षार्थियों को लंबी लाइन से मिलेगी राहत

Updated: IST bilaspur university
बिलासपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षण सत्र 2016-17 से परीक्षा फार्म भराने की पद्धति को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।

बिलासपुर. बीयू प्रशासन मुख्य परीक्षा में पहली बार ऑनलाइन परीक्षा फार्म भराया जा रहा है। इस नए सिस्टम से 10 दिसंबर से प्राइवेट और नियमित छात्र-छात्राओं को परीक्षा फार्म भराने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इससे फार्म में त्रुटि होने पर सुधार के लिए संबंधित विद्यार्थी के मोबाइल में मैसेज भेजकर इसे दुरुस्त कराया जाएगा। इससे जहां यूनिवर्सिटी के कामकाज में सहूलियत होगी वहीं पेपरलेस वर्क से खर्च में 15 से 20 फीसदी की बचत होगी। परीक्षार्थियों को फार्म जमा करने के लिए लंबी लाइन से भी छुटकारा मिलेगा। बिलासपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षण सत्र 2016-17 से परीक्षा फार्म भराने की पद्धति को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। संबंधित कंपनी के साफ्टवेयर इंजीनियरों ने इसके लिए यूनिवर्सिटी के अफसरों और इस कार्य को करने वाले विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। प्रशिक्षण और शंका समाधान के बाद 10 दिसंबर से बीयू से संबद्ध सभी 168 कॉलेजों में ऑनलाइन परीक्षा फार्म भराने का कार्य आरंभ किया जाएगा।

एेसे काम करेगा सिस्टम

फार्म भरने के लिए अभ्यार्थियों को किसी कंप्यूटर सेंटर में या अपने घर पर बिलासपुर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट खोलकर एक्जाम के कॉलम को क्लिक करते ही विषयवार आवेदन पत्रों की फेहरिस्त सामने स्क्रीन पर आएगी। परीक्षार्थी अपने विषय के आधार पर इसे भरकर और अपनी तस्वीर स्केनिंग करके सेंड करेंगे। इसके साथ ही परीक्षा फार्म ऑनलाइन सबमिट हो जाएगा।

ब्लैक बोर्ड पर बताएंगे फार्म भरने का तरीका

चूंकि यह तकनीक पहली बार अपनाई जा रही है, इसलिए कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को ब्लैक बोर्ड पर लिखकर परीक्षा फार्म भरने की तकनीक बताई जाएगी, ताकि विद्यार्थी इस तकनीक को समझकर बिना त्रुटि किए फार्म भर सकें।

तो कॉलेज करेंगे मदद

दूरस्थ कॉलेजों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर समस्या हो सकती है। इसके मद्देनजर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने व्यवस्था बनाने का दावा किया है। यदि एेसी स्थिति निर्मित होती है तो आसपास के कॉलेज जहां कनेक्टिविटी है, वहां का स्टाफ परीक्षार्थियों की मदद करेगा।

ये होंगे फायदे

इस नए ऑनलाइन सिस्टम के लागू होने से विद्यार्थियों को तो लाभ होगा ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन के खर्च में भी कमी आएगी।

फार्म प्रिंटिंग होने वाले खर्च और संबंधित कॉलेजों में भेजने के लिए हो रहे परिवहन खर्च में 15 से 20 फीसदी की कमी आएगी।

निजी कॉलेजों में परीक्षा फार्म के ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लग सकेगी।

विद्यार्थियों को फार्म खरीदने और फिर भरकर जमा कराने के लिए कॉलेजों में कतार लगाने की समस्या से निजात मिल सकेगी।

कॉलेजों में फार्म भराने की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यूनिवर्सिटी तक भेजने के लिए किए जाने वाला खर्च बचेगा।

परीक्षा फार्म में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आने पर तत्काल मैसेज भेजकर इसका निदान किया जाएगा, विद्यार्थियों को सुधार कार्य के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???