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आरबीआई लाता नए नियम, दूसरे दिन ही निकल जाता नया रास्ता

Updated: IST RBI
बैंकों द्वारा सभी पहचान पत्र को स्कैन करने की आनलाइन व्यवस्था नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए सफेद हो गए।

बिलासपुर. आरबीआई द्वारा नोटबंदी के इन 22 दिनों के दरम्यान 27 संशोधन आदेश निकालने पड़े। किसी दिन तो एक से अधिक आदेश भी निकालने की नौबत आ गई। कालेधन पर लगाम लगाने व बैंक में 8 नवंबर से पूर्व जमा किए गए रुपयों की निकासी पर लगाम लगाने का भी कोई खास फर्क नहीं पड़ा। नोटबंदी के पहले दिन जिनका बैंक खाता नहीं था। उन्हें 4 हजार रुपए एक्सचेंज करने की सुविधा दी गई थी।

जिसका लोगों ने जमकर फायदा उठाया व एक से अधिक पहचान पत्र के सहारे कई बैंक से हजारों रुपए निकाल डाले। बैंकों द्वारा सभी पहचान पत्र को स्कैन करने की आनलाइन व्यवस्था नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए सफेद हो गए। नोट एक्सचेंज करने के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा या पैन कार्ड को अनिवार्य किया गया था।

24 बैंकों के 3 लाख से अधिक खाताधारक

जिले में निजी, सरकारी, मल्टीनेशनल एवं ग्रामीण समेत कुल 24 बैंकों का संचालन होता है। इसमें प्रमुख रूप से एसबीआई 1.50 लाख खाताधारकों के साथ पहले नंबर पर है। एसबीआई की हाईकोर्ट रोड स्थित मेन ब्रांच व कलेक्टोरेट समेत शहर में कुल 20 शाखाओं का संचालन किया जाता है। नोटबंदी के दौरान सभी बैंकों में सिक्युरिटी की पर्याप्त व्यवस्था रही। पीएनबी, इलाहाबाद, ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, केनरा बैंक, कारपोरेशन बैंक समेत अन्य बैंकों की कुल ग्राहक संख्या 1.50 लाख के आसपास है।

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