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पानी बिल मिलेगा एसएमएस से, बैंक में करें भुगतान, प्रॉपर्टी टैक्स भी करेंगे ऑनलाइन

Updated: IST sms
अगले चरण में जल्द ही प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के लिए भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। नगर निगम द्वारा इसके लिए जोरशोर से तैयारी की जा रही है।

बिलासपुर. नगर निगम का जल विभाग एक दिसंबर से पेयजल का बिल मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भेजेगा। इस पर सुविधा यह कि इसके भुगतान के लिए आपको निगम के दफ्तर में लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। बल्कि आप एसडीएफसी बैंक के किसी भी ब्रांच में जाकर बिल का भुगतान कर सकते हैं। सिर्फ यही नहीं, आप इस बिल का भुगतान ऑनलाइन भी कर सकते हैं। अगले चरण में जल्द ही प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के लिए भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। नगर निगम द्वारा इसके लिए जोरशोर से तैयारी की जा रही है। यानी जल्द ही लोगों को टैक्स के भुगतान के लिए लाइन लगाने के मुक्ति मिल जाएगी।

अभी पेयजल का बिल या संपत्ति कर के भुगतान के लिए लोगों को निगम के टाउन हॉल, विकास भवन और कोतवाली थाना रोड पर निगम के दफ्तर में जाकर लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इसमें काफी समय लगता है। लोगों के दूसरे काम प्रभावित होते हैं। इस कतार और चिकचिक से बचने के लिए कई लोग टैक्स भुगतान के लिए पहुंचते ही नहीं, जिससे राशि बढ़ती जाती है।

उधर निगम भी 8 से 10 हजार लोगों को पेयजल का बिल वितरित नहीं कर पाता। इससे राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। इन सबसे बचने और लोगों की सुविधा के लिए अब नगर निगम भी अपडेट हो रहा है। नगर निगम जल्द ही अपनी कई सेवाओं को ऑनलाइन करने की तैयारी में है। इसके लिए निगम ने पूरी प्लानिंग कर ली है। पहले चरण में पेयजल की बिलिंग को ऑनलाइन करने की तैयारी है।

26 हजार पेयजल उपभोक्ताओं की एंट्री

नगर निगम में 26 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं। इन सभी के नाम कम्पयूटर पर दर्ज किए जा रहे हैं। यह ऑनलाइन होगा। इससे मोबाइल पर मैसेज के जरिए बिल भेजा जाएगा। इसके जरिए उपभोक्ता खुद ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे। दूसरा विकल्प यह कि वे एचडीएफसी बैंक के किसी भी ब्रंाच में अपना कंज्यूमर नंबर बताकर पहला मोबाइल से उपभोक्ताओं को पानी बिल मिलेगा। दूसरा विकल्प यह कि एचडीएफ सी बैंक में अपना कंज्यूमर नम्बर बताकर बिल जमा किया जा सकता है। एक-दो दिन में ट्रायल के बाद दिसंम्बर महीने का पानी बिल जारी कर दिया जाएगा। विभाग के प्रभारी अजय श्रीवासन ने बताया कि जल विभाग का पानी बिल पहले मैनुअल जारी होता था अब कम्प्यूटर से बिल निकाला जाता है। इससे बिल में गड़बड़ी की शिकायत कम हो गई है।

संपत्तिकर विभाग होगा ऑनलाइन

नगर निगम के राजस्व विभाग को भी ऑनलाइन किया जाएगा। आईसीआईसीआई बैंक द्वारा ऑनलाइन किया जा रहा है। शहर में जितने लोग टैक्स पटाते हैं, उनके नाम और वार्ड क्रमांक सहित अन्य जानकारियां बैंक को दे दी गई है। बैंक के कर्मचारी सभी उपभोक्ताओं के नाम एन्ट्री कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है 15 दिसम्ंबर से पहले इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा। लेखाधिकारी अविनाश बापते ने बताया संपत्तिकर को ऑनलाइन किया जा रहा है, लेकिन इसमें कोई भी किसी का बकाया देख नहीं पाएगा। उपभोक्ता केवल अपनी बकाया राशि ही देख सकता है।

नागरिकों को यह फायदा

टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम के राजस्व विभाग के चक्कर नहीं काटने पडेंग़े। लोग घर बैठे टैक्स जमा कर सकते हैं। संपत्तिकर शाखा ऑनलाइन होने से 60 कर्मचारी काम करते हैं उनसे दूसरे विभाग में काम लिया जाएगा। राजस्व विभाग के कर्मचारियों को हर महीने 20 लाख रुपए वेतन दिया जाता है वह बचत होगा।

निगम को यह फायदा

नगर निगम द्वारा हर माह 26 हजार उपभोक्ताओं का पानी बिल जारी होता है। लेकिन 10 हजार बिल भी लोगों को नहीं मिल पाता है। समय पर बिल नहीं मिलने के कारण लोग भुगतान नहीं करते। अब मोबाइल,और ऑनलाइन करने से जल विभाग का राजस्व बढ़ेगा।

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