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केंद्र के शिक्षा अधिकार एक्ट एवं भिलाई जन परिषद याचिका की सुनवाई 25 को

Updated: IST Court decision

बिलासपुर. केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर एवं तीन लाख से कम वार्षिक आय वर्गों को मुफ्त शिक्षा एवं भिलाई जन परिषद द्वारा दायर निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ट्यूशन फीस मामले की सुनवाई सुनवाई संयुक्त रुप से की जाएगी। मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।

गुरुवार को केंद्र सरकार के ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रुप से कमजोर) वर्गो को मुफ्त शिक्षा अधिनियम 2009 में राज्य शासन द्वारा परिवर्तन कर सिर्फ बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) बच्चों को मुफ्त शिक्षा मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकलपीठ में की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता देवर्षि ठाकर ने कोर्ट को बताया कि शासकीय महाधिवक्ता द्वारा अब तक ये जानकारी नहीं दी गई है कि केंद्र के अधिनियम में परिवर्तन किस आधार पर किया गया है। केंद्र का एक्ट स्पष्ट है कि 3 लाख से कम वार्षिक आय वालों को निशुल्क शिक्षा दी जाए। जबकि राज्य शासन द्वारा नियमों में परिवर्तन कर बीपीएल वर्ग को ही ये सुविधा दी जा रही है।

इससे राज्य के 35 लाख ईडब्ल्यूएस बच्चे शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित हो जा रहे हैं। केंद्र के अधिनियम के दायरे में निजी स्कूलों को भी शामिल किया गया है, इसमें एडमिशन एवं किताब-कापी, ड्रेस समेत अन्य सभी प्रावधान निशुल्क किए गए हैं। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे जिनका जन्म 2002 एवं शहरी क्षेत्र में जिनका जन्म 2007 के बाद हुआ है, को ही दायरे में लिया गया है।

जो अनुचित है एवं केंद्र के एक्ट 2009 की अवहेलना है। जस्टिस गौतम भादुड़ी ने मामले मामले की सुनवाई के बाद शासकीय महाधिवक्ता को राज्य शासन से निर्देश प्राप्त कर जानकारी देने का निर्देश देते हुए भिलाई जन परिषद द्वारा दाखिल याचिका के साथ संयुक्त रुप से सुनवाई किए जाने का निर्देश जारी किया।

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