Patrika Hindi News

जॉइंट पेन व माइग्रेन में यूनानी कपिंग थैरेपी है कारगर 

Updated: IST Cupping Therapy
कई रोगों में कारगर यूनानी चिकित्सा की कपिंग (हिजामत) थैरेपी दो तरह से दी जाती है।

कई रोगों में कारगर यूनानी चिकित्सा की कपिंग (हिजामत) थैरेपी दो तरह से दी जाती है।

ड्राई कपिंग : हर्निया, हाईड्रोसिल, बवासीर, सियाटिका, आर्थराइटिस, नकसीर और जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए शरीर पर कांच के छोटे-छोटे कप लगाकर प्रेशर देते हैं जिससे रक्त संचार, खून जमने व हड्डियों में गैप की समस्या ठीक होती है। वैक्यूम खत्म होते ही कप अलग हो जाते हैं।

वेट कपिंग : माईग्रेन, अस्थमा व घुटनों के दर्द के इलाज के लिए शरीर पर छोटा चीरा लगाकर कपों से प्रेशर देकर दूषित रक्त बाहर निकालते हैं। गर्भवती महिलाएं व कैंसर पीडि़त यह इलाज ना लें।

इनका रखें ध्यान
मरीज का ब्लड, हीमोग्लोबिन और स्किन टेस्ट होता है। डायबिटीज हो तो शुगर भी जांचते हैं। मरीज खाली पेट या हल्का-फुल्का खाया हुआ रह सकता है। इलाज के बाद दर्द हो तो माजून सूरनजान, अब्बे अजगंध व ताकत के लिए खमीरा अबरेशम देते हैं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???